बीजापुर, 10 फरवरी 2026/sns/-मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत प्रदेशभर में एक साथ 6414 जोड़ों के विवाह का ऐतिहासिक आयोजन किया गया। इसी कड़ी में बीजापुर जिले में 305 जोड़े पारंपरिक एवं सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ परिणय सूत्र में बंधे। यह भव्य आयोजन मिनी स्टेडियम बीजापुर में गाजे-बाजे, आतिशबाजी और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच संपन्न हुआ, जहां जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी बाराती बनकर आयोजन में शामिल हुए।
बीजापुर जिले में संपन्न विवाहों में 155 जोड़ों का आदिवासी रीति-रिवाज तथा 133 जोड़ों का हिंदू रीति-रिवाज तथा शेष इसाई रीति-रिवाज से विधिवत संपन्न हुआ। पूरे आयोजन के दौरान सामाजिक समरसता, भाईचारे और उल्लास का वातावरण देखने को मिला।
कार्यक्रम को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन पूरे प्रदेश के लिए गर्व और खुशी का विषय है, जब एक साथ इतनी बड़ी संख्या में विवाह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुए। उन्होंने कहा कि पूर्व में गरीब और ग्रामीण परिवारों के लिए बेटी की शादी एक बड़ी आर्थिक चिंता हुआ करती थी, जिसके लिए कर्ज लेना या संपत्ति बेचनी पड़ती थी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आमजन की भावनाओं को समझते हुए मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना की शुरुआत की, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिली। उन्होंने कहा कि योजना की शुरुआत में जहां प्रति जोड़े 5 हजार रुपये की सहायता दी जाती थी। वहीं रजत जयंती वर्ष 2025 में यह बढ़कर 50 हजार रुपये हो चुकी है। कार्यक्रम के दौरान सभी नवदंपत्तियों को 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया, ताकि वे अपने नए जीवन की शुरुआत आत्मसम्मान के साथ कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने केवल दो वर्षों के कार्यकाल में मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को धरातल पर उतार दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, किसानों के बकाया बोनस का भुगतान, महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक विवाहित महिलाओं को मासिक सहायता, तेंदूपत्ता संग्रहण दर में वृद्धि, रामलला दर्शन योजना, तीर्थ दर्शन योजना तथा भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक सहायता जैसे अनेक जनहितकारी निर्णय लिए गए हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का भी शुभारंभ किया। जिसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश के 8 जिलों से की गई है। इनमें बीजापुर जिला भी शामिल है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री पेरे पुलैय्या, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती गीता सोम पुजारी, जिला पंचायत सदस्य श्री मैथ्यूज कुजूर, जनपद अध्यक्ष श्री सोनू पोटाम, जनपद अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा तेलम, कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री कांता मशराम सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, मीडिया प्रतिनिधि, वर-वधु के परिजन एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। यह सामूहिक विवाह आयोजन सामाजिक समरसता, सरकारी संवेदनशीलता और गरीब परिवारों के सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।


