छत्तीसगढ़

शिक्षा विभाग ने जारी किए व्यापक निर्देश, शैक्षणिक गुणवत्ता और छात्र हित पर विशेष जोर

अंबिकापुर, 05 फरवरी 2026/sns/- जिला शिक्षा अधिकारी डॉ दिनेश कुमार झा द्वारा विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक कार्यों की समयबद्धता तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया हैं। जारी निर्देशों में शैक्षणिक सत्र के शेष समय का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
निर्देशानुसार सभी विद्यालयों में पाठ्यक्रम पूर्ण कराते हुए अनिवार्य रूप से पुनरावृत्ति, मॉक टेस्ट तथा अनसॉल्व्ड प्रश्नपत्रों का लिखित अभ्यास कराया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों की परीक्षा तैयारी सुदृढ़ हो सके। बोर्ड परीक्षाओं वाले विद्यालयों को विशेष तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

विद्यार्थियों के लिए अपार आईडी (APAAR ID) का शत-प्रतिशत निर्माण अनिवार्य किया गया है। इसे अंकसूची और स्थानांतरण प्रमाण पत्र में दर्ज करना भी आवश्यक बताया गया है। उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए इसे अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है। साथ ही छात्रवृत्ति संबंधी कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने और यू-डाइस (UDISE) डाटा एंट्री की शुद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

विद्यालयों में पुस्तकालय, रीडिंग रूम एवं न्यूज डेस्क का नियमित उपयोग सुनिश्चित कराने तथा प्रार्थना सभा के बाद सामान्य ज्ञान चर्चा की परंपरा विकसित करने पर भी बल दिया गया है। विद्यालय परिसरों की स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं के रख-रखाव को विद्यार्थियों के स्वस्थ मानसिक विकास से जोड़ा गया है।

प्रशासनिक स्तर पर अधिकारियों को डीईएफ एवं इनऑपरेटिव खातों की स्थिति स्पष्ट कर आवश्यक कार्यवाही करने, सेवा पुस्तिका और ऑनलाइन रिकॉर्ड अद्यतन एवं सत्यापित करने तथा संबंधित कर्मचारियों को इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।

जहाँ 10 या अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहाँ आंतरिक समिति (INTERNAL COMMITTEE) का गठन अनिवार्य बताया गया है। समिति का गठन न करने पर आर्थिक दंड का भी प्रावधान होने की जानकारी दी गई है।

विद्यालयों में डिजिटल शिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से PM e-Vidya app  के उपयोग को प्रोत्साहित किया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को रुचिकर और प्रभावी अध्ययन में सहायता मिलेगी।

निर्देशों में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने, सकारात्मक और सुरक्षित कार्य वातावरण तैयार करने तथा सामूहिक सहभागिता बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई है। साथ ही राष्ट्रीय महत्व के कार्यों में विभागीय सहयोग देने और संस्थानों को आदर्श बनाने का आह्वान किया गया है।

जारी संदेश में विश्वास व्यक्त किया गया है कि सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को अवसर मानते हुए उत्कृष्टता की दिशा में कार्य करेंगे।

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