छत्तीसगढ़

तनाव प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

मोहला, 29 जनवरी 2026/sns/-जिले में कार्यरत अधिकारियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कार्यक्षमता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की पहल पर जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति की अध्यक्षता में तनाव प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला यूनिसेफ के सहयोग से संपन्न हुई। कार्यशाला में जिले के समस्त विभागों के विभागाध्यक्षों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन सुश्री निधि दुबे, राज्य मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदाता, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ द्वारा किया गया। सत्र के दौरान प्रतिभागियों के साथ तनाव के विभिन्न कारणों पर चर्चा की गई। तनाव को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया। सकारात्मक तनाव, जो व्यक्ति को प्रेरित करता है तथा नकारात्मक तनाव, जो कार्य प्रदर्शन को प्रभावित करने के साथ-साथ शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
कार्यशाला के दौरान अधिकारियों के लिए कई व्यावहारिक एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें गहरी श्वास अभ्यास, ग्राउंडिंग तकनीक, तनाव के कारणों की पहचान कर उन्हें लिखना, भावनाओं को व्यक्त करना तथा हँसी योग (लाफ्टर एक्सरसाइज़) शामिल रहा। लाफ्टर एक्सरसाइज़ के माध्यम से मस्तिष्क में ऑक्सीजन स्तर बढ़ाने एवं मानसिक रूप से हल्का और अधिक आरामदायक महसूस करने पर विशेष जोर दिया गया।
इस अवसर पर सुश्री निधि दुबे ने कहा कि किसी का भी जीवन पूर्णतः तनाव-मुक्त नहीं होता, परंतु यह आवश्यक है कि व्यक्ति अपने तनाव का प्रभावी प्रबंधन करना सीखे और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीवन जिए। उन्होंने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति भिन्न होता है, इसलिए तनाव से निपटने के तरीके भी व्यक्ति-व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। वर्तमान परिदृश्य में डिजिटल डिटॉक्स की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे कार्य के दौरान नियमित रूप से 2 से 5 मिनट का छोटा ब्रेक लें, स्क्रीन से दूर जाएँ, थोड़ी देर चलें, अपनी पोश्चर में बदलाव करें तथा शरीर एवं मन को विश्राम दें। साथ ही उन्होंने प्रतिदिन कम से कम 5 मिनट स्वयं के साथ समय बिताने तथा अपने शौक एवं रुचियों से जुड़ी गतिविधियाँ करने की सलाह दी, जिससे मानसिक राहत मिलती है।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने अपने-अपने तनाव के कारणों एवं उनसे निपटने के अनुभव साझा किए। गतिविधियों में सहभागिता के पश्चात प्रतिभागियों ने इन अभ्यासों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने कहा कि स्वयं के बारे में सकारात्मक बातें करना अत्यंत आवश्यक है, इससे आत्मविश्वास एवं प्रेरणा में वृद्धि होती है। कार्यशाला का समापन इस संदेश के साथ किया गया—
“स्वस्थ अधिकारी, प्रभावी प्रशासन।”

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