छत्तीसगढ़

गणतंत्र दिवस समारोह में जिला पंचायत रायगढ़ की झांकी ने दर्शाया ग्रामीण विकास का सशक्त मॉडल


रायगढ़, 28 जनवरी 2026/sns/- 77वें गणतंत्र दिवस के गरिमामयी अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित मुख्य समारोह में जिला पंचायत रायगढ़ द्वारा प्रस्तुत विकासपरक झांकी को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि कृषि मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम ने जिला पंचायत की टीम को शील्ड एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
            निर्णायक मंडल ने झांकी को कलात्मक उत्कृष्टता, विषय की स्पष्टता और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ माना। झांकी ने ग्रामीण विकास की संकल्पना को जीवंत रूप में प्रस्तुत करते हुए आम नागरिकों को गहराई से प्रभावित किया। झांकी का मुख्य आकर्षण ‘लखपति दीदी’ का अष्टभुजी मॉडल रहा, जिसमें यह प्रदर्शित किया गया कि किस प्रकार स्व-सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं आजीविका संवर्धन के माध्यम से वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक अर्जित कर रही हैं। यह मॉडल महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में सराहा गया।
           झांकी के केंद्र में वीबी जी राम जी के अंतर्गत संचालित आदर्श ग्राम सभा का दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसमें ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाया गया। इसके साथ ही आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र, अटल डिजिटल केंद्र, सामुदायिक भवन, उचित मूल्य दुकान एवं मल्टी एक्टिविटी सेंटर के माध्यम से सरकारी योजनाओं से गांवों में आ रहे सकारात्मक बदलावों को रेखांकित किया गया। जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर नल, 350 किलोलीटर क्षमता की विशाल पानी टंकी, कृषि एवं जल संरक्षण के लिए निर्मित डबरी, कुआं और बाड़ी विकास को कलात्मक रूप में दर्शाया गया। विशेष रूप से ‘आजीविका डबरी’ को जल संरक्षण, सिंचाई, मत्स्य पालन एवं स्वरोजगार के संगम के रूप में प्रस्तुत किया गया, जो ग्रामीणों की आय वृद्धि का सशक्त माध्यम बन रही है।
           झांकी में कृषि सखी, पशु सखी, बैंक सखी, बिहान की दीदियों की समन्वित भूमिका को भी प्रभावी ढंग से दर्शाया गया, जो मिलकर एक आदर्श गांव के सर्वांगीण विकास हेतु आवश्यक ज्ञान, संसाधन और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती हैं। झांकी में लगाया गया क्यू आर कोड दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा, जिसे स्कैन कर वे योजनाओं से संबंधित विस्तृत डिजिटल जानकारी प्राप्त कर रहे थे।
झांकी के अग्रभाग में अंकित प्रेरणादायी नारे
“सुन गा किसान, सुन गा मितान, डबरी ला तैं लक्ष्मी जान के प्रेरणा दायी नारे ने स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और समृद्धि का संदेश दिया। समापन अवसर पर निर्णायकों ने इसे शासन की कल्याणकारी योजनाओं का सबसे प्रभावशाली और प्रेरणास्पद प्रदर्शन बताते हुए प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *