मुंगेली, 22 जनवरी 2026/sns/- शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में जिले के 105 उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुव्यवस्थित तरीके से पारदर्शिता के साथ जारी है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत जिले के 66 समितियों के 105 खरीदी केन्द्रों में पंजीकृत किसानों की संख्या 01 लाख 10 हजार 900 से अधिक है। जिले में अब तक 47 लाख 26 हजार 935 क्विंटल से अधिक धान खरीदा जा चुका है, इसमें मोटा 26 लाख 12 हजार 668 क्विंटल, पतला 134.80 क्विंटल और सरना 21 लाख 14 हजार 132 क्विंटल धान शामिल है। उपार्जन केन्द्रों से धान का उठाव लगातार जारी है। अब तक 27 लाख 86 हजार 672 क्विंटल से अधिक धान का उठाव किया जा चुका है। वहीं किसानों को 1108 करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। धान विक्रय करने वाले किसानों को माइक्रो एटीएम एवं चेक के माध्यम से त्वरित भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रतिदिन लगभग 03 हजार किसानों को करीब 12 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है।
सीमाओं एवं चेक पोस्ट पर की जा रही निगरानी
कलेक्टर के निर्देशानुसार अवैध धान भंडारण एवं परिवहन को रोकने जिले की सीमाओं एवं चेक पोस्ट पर चौकसी को और मजबूत करते हुए निगरानी की जा रही है। इसके तहत संदिग्ध वाहनों परिवहन गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सभी आंतरिक चेक पोस्ट पर भी टीमों को तैनात किया गया है। निगरानी दल द्वारा रात्रिकालीन गश्त के साथ ही संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जा रही है। कोचियों एवं बिचौलियों के माध्यम से अवैध रूप से धान खपाने की घटनाओं पर रोक लगाने की शिकायत के लिए तथा धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया की निगरानी हेतु इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है, इससे खरीदी, भंडारण और परिवहन की रियल टाइम मानिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है और अनियमितता पाए जाने कार्रवाई भी की जा रही है।
आईसीसीसी के माध्यम से की जा रही सतत निग राज्य शासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में मिलर्स द्वारा समितियों से धान उठाव का कार्य किया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए शासन द्वारा आईसीसीसी कमांड सेंटर का गठन किया गया है। इसके तहत धान परिवहन में लगे वाहनों को जीपीएस के माध्यम से ट्रैक किया जा रहा है। समिति से धान उठाव के बाद यदि कोई वाहन अधिक समय तक एक ही स्थान पर रुकता है या मार्ग परिवर्तित करता है अथवा निर्धारित क्षमता से अधिक मात्रा में धान का परिवहन करता है, तो इसकी सूचना कमांड कंट्रोल पोर्टल पर ऑनलाइन प्रदर्शित होती है, जिसकी जांच जिला स्तर पर अधिकारियों द्वारा की जाती है।

