मुंगेली, 22 जनवरी 2026/sns/- स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्य न केवल स्वच्छता को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका के नए द्वार भी खोल रहे हैं। इसी कड़ी में लोरमी विकासखण्ड के ग्राम हरनाचाका की सक्रिय स्वच्छाग्रही सदस्य श्रीमती ममता राजपूत ने कचरे को संसाधन में बदलकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। पिछले दो वर्षों से वे निरंतर समर्पण और स्वप्रेरणा के साथ घर-घर कचरा संग्रहण का कार्य कर रही हैं। वे नियमित रूप से ग्रामीण परिवारों से सूखा एवं गीला कचरा एकत्रित कर उसका सेग्रीगेशन करती हैं।
संग्रहण एवं पृथक्करण के पश्चात प्राप्त सूखे ठोस कचरे को बेचकर श्रीमती ममता राजपूत को प्रतिमाह 03 से 04 हजार रुपए तक की आय प्राप्त हो रही है, इससे उन्हें आजीविका का माध्यम मिल गया है। श्रीमती ममता केवल कचरा संग्रहण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे ग्रामीणों को सूखा-गीला कचरा अलग-अलग रखने, स्वच्छता के प्रति जागरूक होने तथा सूखा कचरा महिला समूह को सौंपने के लिए निरंतर प्रेरित भी कर रही हैं। उनके प्रयासों से ग्राम पंचायत में स्वच्छता की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित हुई है।


