छत्तीसगढ़

कलेक्टर श्री संबित मिश्रा के मार्गदर्शन में बोर्ड परीक्षा से पूर्व तनाव-मुक्त “हम होंगे कामयाब” कार्यशाला का आयोजनबच्चों को तनाव-मुक्त रहने के लिए दिए गए उपयोगी टिप्स


बीजापुर, 22 जनवरी 2026/sns/-कलेक्टर श्री संबित मिश्रा के सफल नेतृत्व एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री लखन लाल धनेलिया के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन एवं यूनिसेफ के संयुक्त कार्यक्रम बीजादूतीर के सहयोग से बोर्ड परीक्षा से पूर्व तनाव-मुक्त “हम होंगे कामयाब” कार्यशाला के आयोजन की शुरुआत की गई। यह कार्यशाला दिनांक 20 जनवरी 2026 से 05 फरवरी 2026 तक जिले के सभी हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में आयोजित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इसी क्रम में 20 जनवरी 2026 को विकासखंड भैरमगढ़ के पी.एम. श्री शासकीय रेसिडेंशियल स्कूल पोटाकेबिन, नेलसनार तथा विकासखंड बीजापुर के हायर सेकेंडरी स्कूल पापनपाल में “हम होंगे कामयाब” कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा से पूर्व होने वाले मानसिक तनाव से मुक्त करना एवं आत्मविश्वास के साथ परीक्षा की तैयारी हेतु प्रेरित करना था।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए ध्यान-योग, मेडिटेशन, उड़न-छू ताली, एनर्जाइज़र एवं खेल आधारित गतिविधियों के माध्यम से तनाव कम करने के प्रभावी उपाय बताए गए।
छात्रों को समझाया गया कि परीक्षा केवल विषयों और पढ़ाई का स्व-मूल्यांकन है, जीवन का नहीं। अत्यधिक मानसिक तनाव परीक्षा की तैयारी को प्रभावित कर सकता है, इसलिए समय-सारिणी बनाकर योजनाबद्ध तरीके से पढ़ाई करने पर विशेष जोर दिया गया। तनाव से निपटने हेतु विद्यार्थियों को आईवीआर नंबर 8123922651 पर कॉल कर सहायता लेने की भी जानकारी दी गई। कार्यशाला में स्कूल के प्राचार्य, शिक्षकगण, ब्लॉक समन्वयक भारत कारम, विनोद गावड़े तथा बीजादूतीर स्वयंसेवक ज्योति कड़ती एवं कुंदन वार्गेम द्वारा विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया गया। उन्होंने परीक्षा की बेहतर तैयारी, समय प्रबंधन एवं आत्मविश्वास बनाए रखने के महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
बोर्ड परीक्षा से पहले बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए “हम होंगे कामयाब” थीम पर विभिन्न गतिविधियाँ कराई गईं। विद्यार्थियों से सरल एवं सहज भाषा में संवाद करते हुए परीक्षा से जुड़ी आशंकाओं, डर के कारणों एवं उनसे निपटने के उपायों पर चर्चा की गई। विद्यार्थियों ने भी खुलकर अपनी भावनाएँ और चिंताएँ साझा कीं।
कार्यक्रम के अंत में परीक्षा के दबाव को कम करने एवं मन को शांत रखने के लिए मेडिटेशन कराया गया। साथ ही छोटे-छोटे खेल एवं ऊर्जावर्धक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को रिलैक्स करने का अवसर मिला। इन गतिविधियों के परिणामस्वरूप विद्यार्थियों की एकाग्रता में वृद्धि, आत्मविश्वास में सुधार तथा मानसिक तनाव में कमी देखने को मिली। कार्यशाला के समापन पर विद्यार्थियों ने स्वयं को पहले से अधिक शांत, सकारात्मक एवं परीक्षा के लिए तैयार महसूस किया।

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