सुकमा, 09 जनवरी 2026/sns/- जिले में ग्रामीण श्रमिकों को आत्मनिर्भर एवं कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। जिला प्रशासन के पहल पर ग्रामीण स्वरोजगार केंद्र (आरएसईटीआई) के माध्यम से मनरेगा में पंजीकृत श्रमिकों को राज मिस्त्री (मेसन) का व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे अकुशल श्रम से आगे बढ़कर कुशल कार्यों में दक्ष बन सकें।
कलेक्टर श्री अमित कुमार निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में मनरेगा योजना में पंजीकृत 30 हितग्राहियों का चयन कर जिला स्वरोजगार केंद्र, सुकमा में राज मिस्त्री प्रशिक्षण कराया जा रहा है। ये सभी हितग्राही पूर्व में केवल अकुशल मजदूरी कार्य करते थे, किंतु प्रशिक्षण उपरांत वे अब कुशल निर्माण कार्य करने में सक्षम होंगे।
जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-26 में कुल 25,974 आवास स्वीकृत किए गए हैं। बड़ी संख्या में आवास निर्माण कार्य प्रगति पर होने के कारण जिले में प्रशिक्षित राज मिस्त्रियों की आवश्यकता अत्यधिक है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान हितग्राहियों को ईंट-चिनाई, प्लिंथ से लेकर छत तक निर्माण तकनीक, माप-मानक, गुणवत्ता नियंत्रण, सुरक्षा उपाय, तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के मानकों के अनुरूप निर्माण संबंधी व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। इससे न केवल आवास निर्माण की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर कुशल मानव संसाधन भी उपलब्ध होगा।
इस कौशल उन्नयन से श्रमिकों की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी। जो श्रमिक पहले केवल दैनिक मजदूरी तक सीमित थे, वे अब राज मिस्त्री बनकर अधिक पारिश्रमिक अर्जित कर सकेंगे। परिणामस्वरूप उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और वे सम्मानजनक आजीविका की ओर अग्रसर होंगे।
यह पहल मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं कौशल विकास कार्यक्रमों के अभिसरण का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो ग्रामीण युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाकर आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।


