मुंगेली, 08 जनवरी 2025/sns/- कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में जिले में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र कुपोषण के खिलाफ एक सशक्त अभियान के रूप में उभर रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से गंभीर एवं अति गंभीर कुपोषण से पीड़ित बच्चों को न केवल जीवनदान मिल रहा है, बल्कि उनके शारीरिक और मानसिक विकास में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। पोषण पुनर्वास केंद्रों का मुख्य उद्देश्य अति गंभीर कुपोषित बच्चों का वैज्ञानिक पद्धति से उपचार कर मृत्यु दर में कमी लाना, बच्चों को स्वस्थ जीवन की ओर लौटाना तथा माताओं और देखभालकर्ताओं को उचित आहार, स्वच्छता एवं पालन-पोषण के तरीकों के प्रति जागरूक करना है। इन केंद्रों में बच्चों को विशेष पोषण आहार, आवश्यक दवाइयां, प्रोटीन एवं विटामिन युक्त भोजन निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा एवं डीपीएम श्री गिरीश कुर्रे के मार्गदर्शन में संचालित जिला चिकित्सालय में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र में अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 तक 178 बच्चों का सफलतापूर्वक उपचार कर उन्हें सुपोषित किया गया। इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोरमी के पोषण पुनर्वास केंद्र में 125 बच्चों तथा पथरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 112 बच्चों का उपचार कर उन्हें स्वस्थ किया गया है। राज्य शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत 6 माह से 5 वर्ष तक के कुपोषित बच्चों को 15 दिनों तक केंद्र में रखकर समुचित उपचार एवं पोषण दिया जाता है। साथ ही सुपोषण दिवस, अन्नप्राशन दिवस, स्तनपान दिवस जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से माताओं को जागरूक कर कुपोषण से बचाव के उपाय बताए जाते हैं।
पोषण पुनर्वास केंद्रों में नियमित रूप से एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य अमला एवं डाइटीशियन द्वारा बच्चों की निगरानी की जाती है। आंगनबाड़ी, आयुष्मान और स्कूल स्तर पर चिन्हित कुपोषित बच्चों को प्रोटोकॉल के अनुसार केंद्रों में भर्ती कर उपचार सुनिश्चित किया जाता है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप आज पोषण पुनर्वास केंद्रों से स्वस्थ होकर लौटते बच्चों के चेहरों पर मुस्कान साफ दिखाई दे रही है, जो जिले में कुपोषण मुक्त समाज की दिशा में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संकेत है।


