छत्तीसगढ़

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से उपभोक्ता बने ऊर्जा दाता बिजली बिल में हो रही बड़ी बचत


अंबिकापुर, 06 जनवरी 2026/sns/-  आज के समय में बिजली प्रत्येक घर की अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है। बढ़ती बिजली खपत के कारण आम परिवारों का घरेलू बजट भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में शासन की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए न केवल बिजली खर्च में बचत का सशक्त माध्यम बन रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
अम्बिकापुर शहर के भट्ठी रोड निवासी श्री प्रतिक कुमार सिन्हा ने बताया कि उन्होंने अपने घर की छत पर पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 5 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम लगवाया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार से कुल 1,08,000 लाख रुपए की सब्सिडी प्राप्त हुई है।
श्री सिन्हा ने बताया कि उनका सोलर पैनल प्रतिदिन लगभग 18 से 20 यूनिट बिजली का उत्पादन कर रहा है। घरेलू खपत के बाद बची हुई अतिरिक्त बिजली वे विद्युत विभाग को बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले वे केवल बिजली उपभोक्ता थे, लेकिन इस योजना के माध्यम से अब वे ऊर्जा दाता बन गए है
उन्होंने बताया कि विद्युत विभाग के साथ एक एग्रीमेंट किया गया है, जिसके अंतर्गत उनकी बची हुई बिजली का भुगतान संबंधित वित्तीय वर्ष में किया जाएगा। इससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी प्राप्त होगा।
श्री प्रतिक कुमार सिन्हा ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को अत्यंत उपयोगी एवं जनहितकारी बताते हुए कहा कि इस योजना से न केवल बिजली बिल में बचत हो रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी नागरिक अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। उन्होंने इस योजना के लिए शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा दे रही है।
इस योजना के तहत केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य शासन द्वारा भी अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ग्रीन एनर्जी को प्रोत्साहित करने के लिए अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। योजना के तहत 1 किलोवाट तक केंद्र से 30,000 $ राज्य से 15,000 कुल 45,000, 2 किलोवाट तक केंद्र से 60,000 $ राज्य से 30,000 कुल 90,000, 3 किलोवाट या अधिक पर केंद्र से 78,000 $ राज्य से 30,000 कुल 1,08,000 रुपए तक का अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।

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