बलौदाबाजार, 27 दिसम्बर 2025/sns/-/राष्ट्रीय किसान दिवस के अवसर पर वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील के निर्देशानुसार प्रशिक्षण केंद्र देवपुर, वनमण्डल बलौदाबाजार में जैविक खेती जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य वनांचल क्षेत्र के कृषकों को जैविक खेती की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक तकनीकों से जोड़कर उन्हें टिकाऊ, लाभकारी एवं पर्यावरण–अनुकूल कृषि प्रणाली की ओर प्रेरित करना रहा।
कार्यशाला में कवर्धा से आमंत्रित कृषि वैज्ञानिक डॉ. तरूणा एवं उनकी विशेषज्ञ टीम द्वारा जैविक खेती से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान जैव उर्वरक, बीजोपचार, जीवामृत, सूक्ष्मजीव आधारित खेती, बायो डीकम्पोज़र एवं बायो पेस्टीसाइड्स के निर्माण, उपयोग और उनके दीर्घकालिक लाभों पर व्यवहारिक मार्गदर्शन दिया गया। किसानों को यह भी समझाया गया कि किस प्रकार जैविक पद्धतियों से मिट्टी की उर्वरता में सुधार, उत्पादन लागत में कमी तथा रासायनिक अवशेष रहित, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण फसल उत्पादन संभव है।
कार्यक्रम के अंतर्गत सरस्वती महिला स्व सहायता समूह, देवपुर द्वारा की जा रही जैविक सब्जी खेती का स्थल निरीक्षण भी किया गया। विशेषज्ञों द्वारा समूह की महिलाओं को फसल प्रबंधन, प्राकृतिक पोषण एवं कीट नियंत्रण के संबंध में आवश्यक सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। यह उदाहरण किसानों के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिससे सामूहिक प्रयासों के माध्यम से आजीविका सुदृढ़ करने का संदेश मिला।कार्यशाला का आयोजन एवं समन्वय वन परिक्षेत्र अधिकारी देवपुर संतोष कुमार पैकरा एवं वनरक्षक श अजीत ध्रुव के द्वारा सम्पन्न कराया गया।
कार्यशाला में बलौदाबाजार वनमण्डल के विभिन्न परिक्षेत्रों से आए कृषकगण, कृषि सखियाँ, महिला स्व सहायता समूह की सदस्याएँ तथा विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

