रायपुर, 22 दिसंबर 2025/sns/- आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र कुटरू परियोजना के अंतर्गत स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पेठा सेक्टर न सिर्फ पोषण और देखभाल का केन्द्र है, बल्कि यहाँ से कई ऐसी प्रेरणादायक कहानियाँ भी सामने आती हैं जो समाज के लिए उदाहरण बन जाती हैं। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है 22 वर्षीय युवा माँ श्रीमती मोटली तेलम की, जो आज प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के सहयोग से आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और जागरूक मातृत्व का अनुभव कर रही हैं।
दिनांक 19 दिसंबर 2025 को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा उनके निवास पर गृह-भेंट एवं परिवार भ्रमण किया गया। बातचीत के दौरान मोटली तेलम ने खुलकर अपनी जीवन यात्रा, चुनौतियाँ और इस योजना से मिले सकारात्मक परिवर्तन साझा किए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत प्राप्त ₹5000 की आर्थिक सहायता ने न सिर्फ उनके जीवन में राहत दी, बल्कि मातृत्व के दौरान मिलने वाला आत्मविश्वास भी बढ़ाया।
आर्थिक संबल बना आत्मविश्वास का आधार
आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण गर्भावस्था के समय कई तरह की चिंताएँ उनके परिवार के सामने थीं। माँ बनने का सुख जितना अनमोल था, उतनी ही दैनिक जरूरतों को पूरा करने की चुनौती भी थी। इसी दौरान प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत उन्हें सहायता राशि प्राप्त हुई। यह राशि सिर्फ पैसे नहीं बल्कि उनके लिए सुरक्षा, भरोसे और संबल का माध्यम बनी।
मोटली तेलम ने इस राशि का अत्यंत सार्थक उपयोग किया। उन्होंने अपनी बच्ची के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए सुकन्या समृद्धि योजना में अपनी बच्ची का खाता खुलवाया, जिससे आगे चलकर बच्ची की शिक्षा एवं आवश्यक जरूरतों के लिए सुरक्षित बचत सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा उन्होंने इस राशि का उपयोग आवश्यक दैनिक वस्तुओं जैसे—साबुन, पाउडर, कपड़े आदि की खरीद के लिए भी किया, जिससे स्वच्छता एवं स्वास्थ्य सुनिश्चित रहा।
स्वस्थ माँ – स्वस्थ बच्चा की मिसाल
आज जब कई महिलाएँ प्रसव के बाद काम के दबाव और जागरूकता के अभाव में अपने और बच्चे के स्वास्थ्य पर पूरा ध्यान नहीं दे पातीं, वहीं मोटली तेलम इसका एक मजबूत उदाहरण बनकर सामने आई हैं। वर्तमान में वे बाहर किसी प्रकार के कार्य पर न जाकर घर पर ही रहकर अपनी बच्ची की संपूर्ण देखभाल कर रही हैं।
वे बच्ची को निरंतर एवं उचित स्तनपान करा रही हैं, जो शिशु के प्रारंभिक विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण आधार है। स्तनपान से बच्ची को आवश्यक पोषण, रोग प्रतिरोधक क्षमता और स्वस्थ विकास मिल रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा परामर्श एवं मार्गदर्शन के कारण वे पोषण और देखभाल के प्रति पूरी तरह जागरूक हैं। परिणामस्वरूप, उनकी बच्ची स्वस्थ, सुपोषित और सक्रिय है।
योजना ने बदली सोच, बढ़ाया सम्मान
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि मातृत्व के महत्व को सशक्त बनाना है। मोटली तेलम की कहानी इस उद्देश्य की सफल परिणति है। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें लगता था कि सरकारी योजनाएँ केवल कागजों तक सीमित रहती हैं, लेकिन इस योजना के माध्यम से उन्हें जो सहायता और सहयोग मिला, उसने उनकी धारणा पूरी तरह बदल दी।
अब वे स्वयं योजना के महत्व को समझती हैं और अन्य महिलाओं को भी इसके प्रति प्रेरित करती हैं। परिवार भ्रमण के दौरान उन्होंने गर्वपूर्वक कहा कि इस योजना के कारण वे अपने मातृत्व काल को न सिर्फ सुरक्षित बल्कि सम्मानजनक और सशक्त अनुभव कर पा रही हैं।
आंगनबाड़ी की भूमिका रही सराहनीय
इस सफलता की कहानी में आंगनबाड़ी केंद्र की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही। नियमित गृह-भेंट, समय-समय पर परामर्श, स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी प्रदान कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मोटली तेलम का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने योजना की जानकारी, आवेदन प्रक्रिया और सहायता राशि प्राप्ति के लिए भी उन्हें लगातार मार्गदर्शन दिया।
यही कारण है कि आज मोटली तेलम आत्मविश्वास के साथ कहती हैं कि आंगनबाड़ी केंद्र और प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना ने मिलकर उन्हें वह सहारा दिया जिसकी उन्हें वास्तव में आवश्यकता थी।
सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरक कहानी
आज मोटली तेलम न केवल अपनी बच्ची की देखभाल में पूरी तरह समर्पित हैं, बल्कि अपने अनुभवों के माध्यम से गाँव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत भी बन रही हैं। वे उन्हें स्तनपान, पोषण, मातृ-स्वास्थ्य एवं सरकारी योजनाओं के महत्व के बारे में जानकारी देती हैं।
उनकी यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब सही समय पर सही सहयोग मिलता है, तो किसी भी साधारण परिवार की महिला भी अपने जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकती है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना ने उनके जीवन में आशा, आत्मनिर्भरता और खुशी के नए द्वार खोले हैं।
श्रीमती मोटली तेलम की यह सफलता कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं बल्कि उस सामाजिक बदलाव की कहानी है, जहाँ सरकार की योजनाएँ वास्तव में ज़मीन पर उतरकर आम महिलाओं के जीवन को सशक्त बना रही हैं। आज मोटली तेलम आत्मविश्वास के साथ कह सकती हैं कि—
“प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना ने मुझे और मेरी बच्ची को सुरक्षित भविष्य दिया है, यह मेरे लिए सिर्फ योजना नहीं बल्कि आशीर्वाद समान है।”
इस तरह, यह कहानी दर्शाती है कि यदि योजनाओं का सही लाभ सही पात्र तक पहुँचे तो वह न सिर्फ परिवार को बल्कि पूरे समाज को मजबूत बनाने का कार्य करती है। मोटली तेलम और उनकी बच्ची की मुस्कान इस बात का जीवंत उदाहरण है।


