जगदलपुर, 17 दिसम्बर 2025/sns/- बस्तर की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने तथा उसे नई दिशा देने के उद्देश्य से आगामी रविवार 21 दिसंबर को जगदलपुर शहर के वीर सावरकर भवन में एक दिवसीय बस्तर साहित्य सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण आयोजन को लेकर स्थानीय साहित्य प्रेमियों और बुद्धिजीवियों में खासा उत्साह है। साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित यह साहित्य सम्मेलन न केवल बस्तर अंचल के स्थापित साहित्यकारों के लिए, बल्कि नई पीढ़ी के लिए भी बस्तर की संस्कृति को गहराई से समझने का एक सुनहरा अवसर साबित होगा। कार्यक्रम की रूपरेखा तीन अलग-अलग सत्रों में तय की गई है, जहाँ प्रत्येक सत्र के लिए डेढ़ घंटे का समय निर्धारित किया गया है ताकि विषयों पर गहन मंथन हो सके।
सम्मेलन की शुरुआत बस्तर का साहित्यिक वातावरण विषय से होगी। इस प्रथम सत्र में बस्तर में रचे जा रहे साहित्य और यहाँ के लेखकों की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की जाएगी। इसके पश्चात कार्यक्रम का दूसरा सत्र बस्तर की जड़ों और परंपराओं की ओर मुड़ेगा। वाचिक परम्पराओं में लोक कथाओं का महत्व विषय पर केंद्रित इस सत्र में मौखिक रूप से एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक जाने वाली कहानियों पर विमर्श होगा। दिन के तीसरे और अंतिम सत्र में बस्तर की भाषाई विविधता और एकता पर बात होगी। आयोजकों का मानना है कि बस्तर की बोली भाषाओं में समानताएं विषय पर होने वाली साहित्य, लोक कथाओं और बोलियों पर केंद्रित यह समागम बस्तर के बौद्धिक जगत में एक नई ऊर्जा का संचार करेगा।


