छत्तीसगढ़

जिले में नीली क्रांति से मत्स्य पालकों के साथ ग्रामीणों को मिला रोजगार आय में हुई वृद्धि



मोहला, 8 दिसंबर 2025/sns/-  मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला अब मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। जिले में पिछले 22 महीनों में अद्वितीय सफलता हासिल की है। इस अवधि में जिले में 11 हजार 805 मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन हुआ। जिससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि हुई है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन द्वारा मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया है। इन योजनाओं के तहत किसानों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण, अनुदान राशि प्रदान की गई और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई पहल की गई। इसके परिणामस्वरूप जिले में स्पॉन उत्पादन 2.10 करोड़ और मत्स्य बीज संचयन 2.94 करोड़ तक पहुँच चुका है।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत, मछुआरों और मत्स्य पालकों को बुनियादी सुविधाओं, आधुनिक उपकरणों और वित्तीय सहायता के माध्यम से सशक्त बनाया जा रहा है। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में 146 हेक्टेयर में नवीन तालाब निर्माण, मोंगरा जलाशय में केज कल्चर की स्थापना और दो हितग्राहियों को जीवित मछली विक्रय के लिए पिकअप वाहन प्रदान किए गए हैं। इसके अलावा 2 हजार 826 मछुआरों को मत्स्यजीवि दुर्घटना बीमा योजना का लाभ भी मिल चुका है, जिससे उनकी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।
 इस सफलता को और भी मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत  अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं को 60 प्रतिशत तक की अनुदान राशि दी जा रही है। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड और सेविंग कम रिलीफ योजना के माध्यम से 3 हजार से अधिक मत्स्य पालकों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आया है। इसके अतिरिक्त, जिले में मानपुर के ग्राम वासडी में एक नई हेचरी का निर्माण किया जा रहा है, जिससे मत्स्य उत्पादन में और भी वृद्धि की उम्मीद है। योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से अब मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में एक उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है, जो प्रदेश की नीली क्रांति को मजबूती प्रदान कर रहा है।

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