रायगढ़, 8 दिसम्बर 2025/sns/- खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य पूर्ण पारदर्शिता, संवेदनशीलता और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रहा है। शासन के स्पष्ट निर्देशों तथा कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में धान उपार्जन व्यवस्था को किसान हितैषी बनाने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है। जिले में लागू ऑनलाइन टोकन प्रणाली से किसानों को बड़ी राहत मिली है। किसान घर बैठे मोबाइल ऐप टोकन तुहर हाथ के माध्यम से टोकन प्राप्त कर निर्धारित तिथि पर बिना भीड़ के अपना धान विक्रय कर पा रहे हैं। इससे समय की बचत हो रही है और उपार्जन केंद्रों पर अनावश्यक अव्यवस्था से भी निजात मिली है। ग्राम लोइंग निवासी किसान बसंत कुमार पटेल ने बताया कि उन्होंने अपने 170 क्विंटल धान के विक्रय हेतु ऑनलाइन टोकन लिया। उपार्जन केंद्र में व्यवस्थाएं संतोषजनक हैं, भीड़ कम है और समय पर तौल हो रही है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई और उत्कृष्ट प्रबंधन से वे पूरी तरह संतुष्ट हैं। इसी तरह अन्य किसानों में भी धान विक्रय को लेकर उत्साह का माहौल है। जिले के किसानों ने इसके लिए राज्य शासन व जिला प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया।
105 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से सुचारू व्यवस्था
जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 105 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। शासन की चेकलिस्ट के अनुरूप सभी केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, तौल-कांटा, बारदाना एवं स्टैकिंग जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें से 15 केंद्र संवेदनशील तथा 4 केंद्र अति-संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं, जहां विशेष निगरानी की जा रही है। धान खरीदी से संबंधित शिकायतें एवं सुझाव खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर दर्ज कराए जा सकते हैं। जिले में अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर एवं कॉल सेंटर के माध्यम से कोचियों-बिचौलियों की गतिविधियों की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। सुगम एवं पारदर्शी धान खरीदी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। प्रशासन द्वारा तैयार की गई सरल, सुचारू और पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था से किसान पूर्णतः संतुष्ट नजर आ रहे है।

