छत्तीसगढ़

जिले के नागरिक हो रहे सोलर एनर्जी की ओर अग्रसर विद्युत खपत जीरो होने से बिजली बिल हो रहा शून्य कर ही के तेजवंत बर्मन ने लगवाया 03 किलोवाट का सोलर रूफटॉप सिस्टम

मुंगेली, 13 नवंबर 2025/sns/- शासन द्वारा ऊर्जा खपत को कम करने और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना” का संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत रूफटॉप सोलर पैनल लग जाने से सूरज की रोशनी से घर रोशन हो रहा है। योजना से न केवल बिजली बिल से मुक्ति मिल रही है। साथ ही आमजन ऊर्जादाता भी बन रहे हैं। यह योजना न केवल उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में देश को मजबूती भी दे रही है। यह आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर आमजनों में भी काफी उत्साह नजर आ रहा है। जिले के नागरिक सोलर एनर्जी प्राप्त करने की ओर अग्रसर हो रहे हैं। इसी कड़ी में पृथ्वीग्रीन कालोनी करही मुंगेली के शिक्षक श्री तेजवंत बर्मन ने अपने घर की छत पर 03 किलोवाट का सोलर रूफटॉप सिस्टम लगवाया और अपने बिजली बिल को शून्य करने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाया। अब वे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो गए हैं। श्री बर्मन ने बताया कि अब उनका घर सौर ऊर्जा से रोशन हो रहा है। पहले हर महीने बिल की चिंता रहती थी, लेकिन विद्युत खपत जीरो होने से बिजली बिल भी शून्य हो जाएगा। उन्होंने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सहित शासन-प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया है।
सब्सिडी के साथ मिल रहा योजना का लाभ
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने पर योजना के तहत उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने पर केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है। 01 किलोवाट रूफटॉप सोलर सिस्टम पर केंद्र से 30 हजार एवं राज्य से 15 हजार मिलाकर 45 हजार रुपए की सब्सिडी, वहीं 02 किलोवाट पर कुल 90 हजार और 03 से 04 किलोवाट तक की क्षमता पर 01 लाख 08 हजार रुपए तक की सब्सिडी दी जा रही है। इसके साथ ही कम ब्याज दर एवं आसान किश्तों में बैंक फायनेंस भी उपलब्ध है। विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री नंदराम भगत ने बताया कि रूफटॉप सोलर सिस्टम दो प्रकार के हैं, ऑफ-ग्रिड और ऑन-ग्रिड। ऑफ-ग्रिड सिस्टम में बैटरी के माध्यम से उत्पन्न बिजली का घर में ही उपयोग होता है, जो विशेषकर उन इलाकों के लिए उपयोगी है, जहां ग्रिड की सुविधा नहीं है। वहीं ऑन-ग्रिड सिस्टम में अतिरिक्त बिजली सीधे ग्रिड को भेजी जाती है और उतनी यूनिट उपभोक्ता के बिल से घटा दी जाती है।

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