अम्बिकापुर, 12 नवम्बर 2025/sns/- खेती में ऊर्जा की बाधा दूर कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली सौर सुजला योजना सरगुजा जिले में किसानों के लिए ‘ऊर्जा क्रांति’ साबित हो रही है। सूर्य ऊर्जा आधारित सिंचाई पंपों की स्थापना से खेती को निर्बाध पानी मिल रहा है, जिससे न केवल द्विफसलीय क्षेत्र बढ़ा है, बल्कि किसानों की आय में स्थायी वृद्धि हो रही है।
वर्ष 2016-17 से अब तक सरगुजा जिले के 8893 किसानों को योजना का लाभ मिल चुका है। उप संचालक कृषि श्री पीताम्बर सिंह दीवान ने बताया कि सौर पंप मिलने से सिंचाई के लिए बिजली की निर्भरता खत्म हो गई है और खेतों में वर्षभर उत्पादन की संभावनाएं बढ़ गई हैं। इससे लागत में कमी और आय में बढ़ोतरी के साथ किसान आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास कम से कम 1 एकड़ भूमि होना आवश्यक है। किसान आवश्यक दस्तावेज जैसे बी-1, खसरा, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, 2 पासपोर्ट फोटो, जल स्त्रोत का फोटो, सरपंच अनापत्ति पत्र एवं जाति प्रमाण पत्र आदि के साथ अपने क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। किसानों के लिए 2 भ्च्, 3 भ्च् और 5 भ्च् की पंप क्षमता उपलब्ध कराई जाती है, जिसमें वर्गवार अंशदान अलग-अलग निर्धारित है।
शासन द्वारा वर्गवार कृषक अंशदान में पंप क्षमता 2 एचपी पर अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति 5000 रुपए, अन्य पिछड़ा वर्ग 9000 रुपए एवं सामान्य वर्ग 16000 रुपए, 3 एचपी अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति को 7000 रुपए, अन्य पिछड़ा वर्ग 12000 रुपए एवं सामान्य वर्ग 18000 रुपए, वहीं 5 एचपी अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति 10000 रुपए, अन्य पिछड़ा वर्ग 15000 रुपए एवं सामान्य वर्ग 20000 रुपए इसके अतिरिक्त 4800 रुपए प्रोसेसिंग शुल्क देय है।
लखनपुर विकासखण्ड के ग्राम ईरगंवा निवासी कृषक श्री लबेद सिंह ने बताया कि पूर्व में वे अपनी 2.665 हेक्टेयर भूमि में केवल धान की खेती ही कर पाते थे, लेकिन सौर पंप लगवाने के बाद वर्षभर सिंचाई उपलब्ध होने से अब वे धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन, सब्जियां, फलदार वृक्ष एवं फूल उत्पादन तक कर रहे हैं। इसके साथ ही मछली पालन से भी उनकी आय में वृद्धि हुई है। श्री लबेद सिंह ने बताया कि सौर सुजला योजना से उनका कृषि व्यवसाय मजबूत हुआ है उन्होंने इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन का आभार व्यक्त किया।
सौर सुजला योजना की निरंतर प्रगति से सरगुजा जिले में कृषि उत्पादन, रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिल रही है।


