सुकमा, 07 नवंबर 2025/sns/- जिले को बाल विवाह मुक्त घोषित किए जाने संबंध में राज्य से प्राप्त निर्देशों के अनुक्रम में कलेक्टर सह अध्यक्ष जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति श्री देवेश कुमार धुव के निर्देशानुसार तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुकमा श्री मुकुन्द ठाकुर, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री शिवदास नेताम के मार्गदर्शन में जिला को बाल विवाह मुक्त बनाए जाने हेतु निरंतर जिले में जन जागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे है। जिसके अनुक्रम में वर्तमान वर्ष 2025 के दिसंबर माह तक सुकमा जिले के न्यूनतम 64 ग्राम पंचायतों एवं 01 नगरीय निकाय को बाल विवाह मुक्त घोषित किए जानें का लक्ष्य है।
बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के प्रभावी कियान्यवयन हेतु शुक्रवार को जिला सुकमा अंतर्गत नगर पंचायत कोंटा में एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन कार्यालय नगर पंचायत कोंटा के सभागार में किया गया। उक्त कार्यक्रम में नगर पंचायत दोरनापाल की माननीय अध्यक्ष महोदया श्रीमती मौसम जया एवं नगर पंचायत के समस्त सम्माननीय वार्ड पार्षदगण एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोंटा श्री सुमित ध्रुव, मुख्य नगर पालिका अधिकारी कोंटा तथा विभाग से जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री जितेन्द्र सिहं एवं जिला बाल संरक्षण इकाई सुकमा के अन्य अधिकारी/कर्मचारी, आईसीडीएस परियोजना कोंटा से पर्यवेक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बाल विवाह मुक्त सुकमा के लिए शपथ दिलवाई गई। तथा कार्यक्रम में मिशन वात्सल्य , लैंगिक अपराधो से बालको का संरक्षण अधिनियम , बाल विवाह प्रतिषेध अधिनयम के बारे में विशेष रूप से जानकारी दी गई, तथा कोंटा नगर पंचायत को बाल विवाह मुक्क्त नगर पंचायत घोषित करने का प्रस्ताव पास करने का अनुरोध किया गया अध्यक्ष महोदया द्वारा नगर के सम्पूर्ण क्षेत्र में बाल विवाह रोकथाम के विषय को प्रचारित करने एवं वार्ड पार्षदों को अपने वार्ड में बाल विवाह के संबंध में निगरानी करने के लिए बताया गया।


