मुंगेली, 30 अक्टूबर 2025/sns/- कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले के कुष्ठ व टीबी के संदेहास्पद मरीजों की पहचान व जाँच कर उनकी पूर्ण चिकित्सा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुंगेली विकासखण्ड के ग्राम भथरी में अक्षता एवं विकृति रोकथाम शिविर का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में 08 पुराने कुष्ठ मुक्त रोगी मरीजों को सेल्फ केयर किट व एमसीआर चप्पल प्रदान की गयी जो इन्हें संक्रमित अंगो में होने वाले घावों से सुरक्षा देती है। इसके अतिरिक्त 12 मरीजों को जल तेल मालिश पद्वति से उपचारित किया गया, साथ ही 02 एमबीकेस शिविर में चिन्हाँकित किया गया एवं उनकी जाँच कर एमडीटी (कुष्ठ की दवा) शिविर में ही प्रारम्भ की गयी। उपरोक्त शिविर में 152 मरीजों की जांच की गई, जिसमें संदेहास्पद टीबी मरीज 14, पेटदर्द 15, बुखार 15, दाद खाज खुजली 11, बीपी 05 शुगर 07, कमजोरी 25, हाथ पैरदर्द 40, कान से संबंधित 05 एवं आंख से संबंधित 07 मरीज उपस्थित थे। इन टीबी मरीजों के संदेहास्पद मरीजों का जिसके बलगम सीबीनॉट मशीन में जाँच के लिए एकत्र किया जायेगा।
जिला क्षय/कुष्ठ उन्मूलन अधिकारी, डॉ. सुदेश रात्रे के द्वारा सभी मरीजों की जांच एवं उपचार किया गया और इन्हें दवाई एवं परामर्श भी दिया गया। इसके साथ ही टीबी/कुष्ठरोग से बचाव एवं नियंत्रण के लिये पाम्पलेट वितरण कर मितानीनो को कुष्ठ एवं टीबी के बारे में जानकारी प्रदाय किया गया। इस जनजागरण शिविर में स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम समन्वयक श्री अमिताभ तिवारी, डीपीपीएमसी श्री अमित सिंह, पीएमडीटी समन्वयक श्री धीरज रात्रे, एस.टी.एस. श्री सुमेश जायसवाल, एएनएम श्री आर. आर. साहू, सुपरवाइजर श्री शारदा पाठक, सुपरवाइजर संगीता डेविड, एनएम स्वाति, सीएचओ श्री प्रणव सागर एवं मितानीन मौजूद रहे।


