छत्तीसगढ़

पशुधन विकास विभाग द्वारा कृषक पशुपालकों का “मीटअप” आयोजित कलेक्टर ने कहा पशुधन आधारित गतिविधियाँ बनेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़

धमतरी, 30 अक्टूबर 2025/sns/- पशुधन विकास विभाग द्वारा आज जिला मुख्यालय में कृषक एवं पशुपालकों के बीच संवाद एवं अनुभव साझा करने के उद्देश्य से “मीटअप (Meetup)” कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न ग्रामों से आए किसान, दुग्ध उत्पादक, बकरीपालक, मुर्गीपालक एवं मछलीपालक शामिल हुए। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों ने आधुनिक पशुपालन तकनीक, रोग नियंत्रण, पोषक आहार, विपणन एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में खेती-किसानी के साथ पशुपालन, मुर्गीपालन, मछलीपालन और बकरीपालन जैसी गतिविधियाँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सर्वोत्तम माध्यम बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि “यदि किसान अपनी खेती के साथ पशुधन आधारित व्यवसाय को अपनाएँ तो उनकी वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।”
उन्होंने यह भी कहा कि इच्छुक किसानों को तकनीकी जानकारी और सफल मॉडल का प्रत्यक्ष अवलोकन कराने के लिए विभाग द्वारा अन्य जिलों अथवा पड़ोसी राज्य उड़ीसा का अध्ययन दौरा भी कराया जाएगा। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाएँ।
कार्यक्रम में उपस्थित तमिलनाडु के पशुधन विशेषज्ञ डॉ. ई.विजय कुमार ने कहा कि आधुनिक पशुपालन में वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने से उत्पादन लागत घटती है और लाभ में वृद्धि होती है। वहीं सहायक संचालक मछली पालन श्री मुकेश राघव ने बताया कि तालाबों के उचित प्रबंधन से प्रति हेक्टेयर उत्पादन को दोगुना किया जा सकता है।
ओड़ीसा राज्य के जगतपुर, कटक स्थित पशुपति एग्रोवेट प्रायवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर ने बताया कि शीघ्र ही उनके द्वारा कुरूद विकासखण्ड के बगौद औद्योगिक पार्क में जिले के पशुपालकों के लिए पशु आहार संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इससे पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण पशु आहार आसानी से उपलब्ध होगा। जिले में संयंत्र स्थापित होने से युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
पशु चिकित्सक डॉ. टी.आर. वर्मा ने उन्होंने टीकाकरण, संतुलित आहार एवं पशु आवास के महत्व पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए और विभागीय अधिकारियों से तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त किया। मीटअप का उद्देश्य किसानों को एक साझा मंच प्रदान कर उन्हें ज्ञान, नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करना रहा।

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