छत्तीसगढ़

जिले में रोजगार दिवस पर ग्रामीणों को मिला डिजिटल अधिकार क्यूआर कोड से मिलेगी मनरेगा की पूरी जानकारी



दुर्ग, 08 अक्टूबर 2025/sns/-
जिले में प्रत्येक माह की 07 तारीख को आयोजित होने वाला ’रोजगार दिवस’ इस बार डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में जिले की सभी ग्राम पंचायतों में क्यूआर कोड लगाए गए, जिनके माध्यम से ग्रामीण अब अपनी पंचायतों में चल रहे मनरेगा कार्यों की जानकारी सीधे अपने मोबाइल फोन से प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत भवनों में चस्पा किए गए क्यूआर कोड की कार्यप्रणाली और उपयोगिता के बारे में ग्रामीणों को लाइव डेमो के माध्यम से समझाया गया। ग्रामीणों ने यह जाना कि स्मार्टफोन के कैमरे से क्यूआर कोड स्कैन कर वे 2021 से 2025 तक के स्वीकृत कार्यों का विवरण देख सकते हैं। इसमें यह जानकारी शामिल है कि कौन सा कार्य प्रगतिरत है या पूर्ण हो चुका है, कितनी राशि खर्च की गई है, मजदूरी का भुगतान हुआ है या नहीं, रोजगार दिवस कितने मिले, और क्या उन्हें बेरोजगारी भत्ता का दावा करना चाहिए।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि यह क्यूआर कोड ग्रामीणों के लिए एक क्रांतिकारी उपकरण है, जो उन्हें पारदर्शिता, रोजगार जानकारी, डिजिटल सुविधा और शिकायत निवारण जैसे अनेक लाभ प्रदान करता है। अब ग्रामीण मनरेगा परियोजनाओं की स्थिति,   स्वीकृत बजट और प्रगति की जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकते हैं। इससे योजनाओं में पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। साथ ही जॉब कार्डधारक अपने रोजगार से जुड़ी पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। जानकारी हिंदी और छत्तीसगढ़ी में उपलब्ध होने से यह तकनीक महिलाओं और युवाओं के लिए भी सुलभ हो गई है। इसके अतिरिक्त क्यूआर कोड के माध्यम से हेल्पलाइन और शिकायत पोर्टल तक सीधी पहुंच सुनिश्चित की गई है, जिससे ग्रामीण अपनी समस्याएं आसानी से दर्ज कर सकते हैं।

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