छत्तीसगढ़

प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से उमरगांव में उजाला-उपभोक्ता बने ‘ऊर्जादाता

धमतरी, 08अक्टूबर 2025/sns/- धमतरी जिले के वनांचल नगरी क्षेत्र का छोटा सा ग्राम उमरगांव अब ऊर्जा आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गया है। यहाँ के निवासी श्री धरमदास मानिकपुरी ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेकर न केवल अपने घर की बिजली जरूरतें पूरी की हैं, बल्कि अब ‘उपभोक्ता से उर्जादाता’ बन गए हैं।
श्री मानिकपुरी ने अपने घर की छत पर 2 किलोवाट का सोलर रूफटॉप प्लांट लगाया है। योजना के तहत उन्हें केंद्र और राज्य सरकार से 60 हजार रुपए की सब्सिडी प्राप्त हुई है। कुल एक लाख 40 हजार रुपए की लागत वाले इस प्लांट के लिए उन्होंने केवल 14 हजार रुपए अग्रिम राशि दी, शेष राशि बैंक ऋण के माध्यम से प्राप्त की गई।
पहले हर महीने 800 से 1000 रुपए तक का बिजली बिल भरने वाले श्री मानिकपुरी का अब बिल शून्य है। इतना ही नहीं, अतिरिक्त बिजली उत्पादन से उन्हें हर माह आर्थिक लाभ भी मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के शुभारंभ कार्यक्रम को देखकर ही उन्होंने निश्चय किया था कि वे अपने घर को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाएंगे। आज यह निर्णय उनके लिए लाभदायक साबित हुआ है।
हर घर बनेगा ‘ऊर्जा का घर
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य के हजारों परिवारों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना में 30 हजार से 78 हजार रुपए तक की सब्सिडी रूफटॉप सोलर संयंत्र की क्षमता के अनुसार प्रदान की जाती है।आवेदक पीएम सूर्यघर पोर्टल या मोबाइल एप के माध्यम से पंजीयन कर योजना का लाभ ले सकते हैं। चयनित वेंडर द्वारा सोलर संयंत्र की स्थापना के बाद डिस्कॉम द्वारा नेट मीटर लगाया जाता है, और सत्यापन उपरांत सब्सिडी सीधे लाभार्थी के खाते में जमा की जाती है।
 यदि उपभोक्ता चाहें तो बैंक से 7 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण भी ले सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए शासन द्वारा जनसमर्थन पोर्टल से जोड़ा गया है।
सरकार’ की पहल से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर कदम
 श्री मानिकपुरी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना वास्तव में आम जनता के जीवन में उजाला ला रही है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से अब बिजली उपभोक्ता खुद ऊर्जा उत्पादक बन रहे हैं। इससे घरेलू खर्च कम होगा, पर्यावरण को लाभ होगा और प्रदेश ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ेगा। वनांचल के उमरगांव जैसे गाँवों में सौर ऊर्जा का यह प्रकाश न केवल घरों को रोशन कर रहा है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को भी साकार कर रहा है।

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