छत्तीसगढ़

युक्ति युक्तकरण से नकना प्राथमिक स्कूल की बदली तस्वीर बच्चों की उपस्थिति में हुआ इजाफा अब एक नहीं बल्कि चार शिक्षक है यहां पदस्थ पढ़ाई में आया सुधार


रायगढ़, 30 सितम्बर 2025/sns/- विकासखंड धरमजयगढ़ के शासकीय प्राथमिक शाला नकना जहां कभी एकमात्र शक्षक के भरोसे पूरे विद्यालय का संचालन हो रहा था, अब वहीं युक्तियुक्तकरण नीति के चलते नई ऊर्जा और उत्साह से भर चुका है। यहां 112 बच्चे अध्ययनरत हैं। पहले जहां शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही थी, वहीं अब अतिरिक्त तीन शिक्षकों की पदस्थापना से न केवल शैक्षणिक व्यवस्था सुधरी है, बल्कि बच्चों की उपस्थिति में भी इजाफा हुआ है।
गांव के सरपंच श्री तिर्की ने बताया कि पूर्व में स्कूल में सिर्फ  एक शिक्षक होने के कारण न तो पढ़ाई सहीं ढंग संभव हो पा रही थी और न ही बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित हो पा रही थी। पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने से पालक भी उन्हें स्कूल भेजने में रुचि नहीं ले रहे थे। लेकिन अब शासन की पहल और युक्तियुक्तकरण नीति के तहत नकना स्कूल में तीन नए शिक्षक नियुक्त किए गए हैं, जिससे कक्षाओं का संचालन सुचारू रूप से हो रहा है। पढ़ाई में सुधार और शिक्षक संख्या बढऩे से अब बच्चे मन लगाकर पढ़ाई कर रहे हैं। पालक भी अब विश्वास के साथ बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं।
गांव के पूर्व सरपंच श्री बंधुराम भगत ने भी युक्तियुक्तकरण पहल की सराहना करते हुए कहा कि नकना स्कूल के बच्चों के भविष्य के लिए यह एक सकारात्मक और दूरदर्शी निर्णय है। आज गांव में शिक्षा के प्रति एक नया भरोसा और उम्मीद जगी है। शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री सहदेव एक्का ने कहा कि युक्तियुक्तकरण के तहत मिले अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति से विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था में सुधार आया है। हम समय-समय पर स्कूल जाकर मॉनिटरिंग करते हैं और यह देखकर खुशी होती है कि शिक्षक बच्चे को समर्पण और बेहतर तरीके से पढ़ा रहे हैं और बच्चे भी मन लगाकर पढ़ाई कर रहे है।
नए शिक्षकों के आने से बैगलेस डे भी हुआ रोचक, बच्चे सीखते हैं ज्ञानवर्धक गतिविधियां
नकना प्राथमिक शाला में नए शिक्षकों की पदस्थापना से जहां स्कूल में पढ़ाई का माहौल सुधरा है वहीं यहां शनिवार को होने वाले बैगलेस डे भी अब बच्चों के लिए रोचक हो गया है। स्कूल में बच्चों को कई ज्ञानवर्धक गतिविधियां सिखाई जाती हैं। खेल-कूद और व्यायाम के साथ पेंटिंग भी सिखाया जाता है। जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास हो। इससे बच्चों में भी स्कूल आने को लेकर उत्साह नजर आता है।

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