छत्तीसगढ़

महिलाओं का लैंगिक उत्पीडऩ अधिनियम अंतर्गत कार्यालयों एवं संस्थानों में आंतरिक शिकायत समिति का गठन करने के आदेश


राजनांदगांव, 26 सितम्बर 2025/sns/- उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली के आदेशानुसार प्रदेश के ऐसे शासकीय एवं अशासकीय कार्यालय व संस्थान जहां 10 या 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत है, वहां महिलाओं का लैंगिक उत्पीडऩ (निवारण, प्रतिषेध और प्रतिरोष) अधिनियम 2013 अंतर्गत आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया जाएगा। अधिनियम की धारा 4 के अनुसार ऐसे समस्त कार्यस्थल व संस्थान जहां 10 या 10 से अधिक कर्मचारी नियोजित है, वहां नियोजक लिखित आदेश द्वारा आंतरिक परिवाद समिति का गठन किया जाएगा। आंतरिक समिति में एक पीठासीन अधिकारी (कार्यस्थल पर ज्येष्ठ स्तर की महिला कर्मचारी), कर्मचारियों में से कम से कम 2 सदस्य जो महिलाओं की समस्याओं के प्रति प्रतिबद्ध हो, एक सदस्य महिलाओं की समस्याओं के प्रति प्रतिबद्ध किसी गैर-सरकारी संगठन से हो शामिल करते हुये समिति का गठन किया जाएगा। सभी कार्यालयों एवं संस्थानों जैसे हॉस्पीटल, नर्सिंग होम, गॉल, स्कूल, बैंक, दुकान, होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, लॉज, शो-रूम, ट्रस्ट, फैक्ट्री अन्य संस्थान जहां 10 या 10 से अधिक कर्मचारी हो तत्काल आंतरिक शिकायत समिति गठन सुनिश्चित करने कहा गया है। यदि 10 या उससे अधिक कर्मचरियों वाले किसी भी संस्थान द्वारा आंतरिक शिकायत समिति का गठन नहीं करने पर धारा 26 के तहत 50 हजार रूपए जुर्माना का प्रावधान किया गया है।

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