राजनांदगांव, 20 सितम्बर 2025/sns/ – सेवा पर्व के दरमियान ग्राम सिंघोला पहुंचकर ऊर्जा सचिव एवं बिजली वितरण कंपनी के अध्यक्ष डॉ0 रोहित यादव (आईएएस) ने उपस्थित ग्रामीणो को बिजली उत्पादन से आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाने का आह्वान किया। ग्र्राम सिंघोला में सेवा पर्व पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होने केन्द्र एवं राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजना पी.एम. सूर्य घर मुक्त बिजली को भविष्य की ऊर्जा के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि इस स्कीम के तहत बिजली उपभोक्ता स्वयं बिजली उत्पादक बनकर अपने घर के बिजली बिल को शून्य कर सकता है, केंद्र एवं राज्य सरकार की ऐसी योजना जिसके तहत बैंक मात्र 6 प्रतिशत ब्याज पर ही आपको 10 सालों के लिए ऋण उपलब्ध करायेगी। और एक महीने के भीतर ही सौर संचालक आपके घर में यह संयंत्र स्थापित कर देंगें। यह सिस्टम शुरू होते ही एक महीने में 330 यूनिट यानी लगभग 1400-1500 सौ रुपये की बिजली उत्पादन करके दे देगी। उन्होने बताया कि घर-घर रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट स्थापित कर लोगों को प्रदूषण मुक्त, मुफ्त और निरंतर बिजली देने एवं प्रत्येक उपभोक्ता को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाकर उनके मासिक खर्चों में भी उल्लेखनीय कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। सौर ऊर्जा को सुलभ बनाने और हरित ऊर्जा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सरकार की मंशा है कि उपभोक्ताओं को बिजली बिल से राहत के लिए किसी शासकीय योजना पर आश्रित रहना न पड़े। वह स्वयं अपने छत पर रूफटाफ सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन कर ऊर्जादाता बने। नेट मीटरिंग के माध्यम से वह बिजली बेच भी सकेंगे। केन्द्र सरकार ने 2027 तक देशभर में एक करोड़ और प्रदेष सरकार ने 05 लाख रूफटाफ सोलर प्लांट लगाने का संकल्प रखा है। इस अवसर पर बिजली वितरण कंपनी के अध्यक्ष डॉ0 रोहित यादव (आईएएस) एवं प्रबंध निदेषक वितरण श्री भीम सिंह कंवनर ने परिसर में वेन्डरों के द्वारा लगाये गये स्टाल जाकर ग्रामीण के रूझान एवं जागरूकता पर विस्तार पूर्वक चर्चा की। साथ ही उपस्थित ग्रामीणों को इस योजना से अधिकाधिक संख्या में जुड़ने की अपील की।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत केन्द्र की तर्ज पर राज्य सरकार द्वारा भी सब्सिडी देने से आवेदनों तथा रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट की औसत मासिक संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है। प्रदेश के बिजली उपभोक्ता हॉफ बिजली बिल से शून्य बिजली बिल की ओर कदम बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर तैयार हो रहे हैं जिसका असर आने वाले महीनों में बड़ी उपलब्धि के रूप में दिखाई पड़ेगा। शासन की मंशानुसार उपभोक्ताओं का रूझान अब सस्ती बिजली हेतु सरकारी योजना के बदले आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ने लगा है।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा एक किलोवाट के लिए 30,000 रूपये, दो किलोवाट के लिए 60,000 रूपये तथा तीन किलोवाट के लिए 78,000 रूपये सब्सिडी प्रदान की जा रही थी। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 18 जून, 2025 को आयोजित राज्य मंत्री परिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से भी सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया। जिसके तहत एक किलोवाट के लिए 15,000 रूपये, दो किलोवाट के लिए 30,000 रूपये तथा तीन किलोवाट के लिए भी 30,000 रूपये सब्सिडी देने की घोषणा की गई। जिससे एक से लेकर तीन किलोवाट तक कुल सब्सिडी क्रमशः 45,000 रुपये, 90,000 रुपये तथा 1,08,000 रुपये हो गई है। मार्जिन मनी के लिए बैंकों से 10 वर्षों के लिए 6 प्रतिशत की ब्याज दर पर आसान ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री श्री साय की विशेष पहल पर राज्य सब्सिडी का प्रदाय जल्दी से जल्दी करने के निर्देश दिये गये। जिसके कारण 8 सितम्बर को आयोजित एक कार्यक्रम में 618 हितग्राहियों के बैंक खाते में 1.85 करोड़ रूपये की सब्सिडी उनके बैंक खातों में अंतरित कर दी गई। साथ ही यह व्यवस्था की गई है कि अब स्थापना के एक माह के भीतर स्टेट सब्सिडी दे दी जाएगी। इस तरह उपभोक्ताओं का विश्वास तथा उत्साह तेजी से बढ़ा है। राज्य सब्सिडी घोषित होने के पूर्व औसत मासिक आवेदनों की संख्या 1,607 थी तथा स्थापनाओं की संख्या 337 थी। वहीं 18 जून को स्टेट सब्सिडी घोषित होने के बाद आवेदनों की औसत मासिक संख्या 3,906 हो गई है तथा स्थापनाओं की औसत प्रतिमाह संख्या 744 हो गई है। इस तरह अब प्रदेश में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए काफी उत्साह देखा जा रहा है। कुल आवेदनों की संख्या 58,500 हो गई है जिनमें से 6,500 घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाये जा चुके हैं तथा 17,000 का कार्य प्रगति पर है। राजनांदगांव वृत्त में 6928 लोगों का आवेदन भी आ चुका है। जिसमें 673 उपभोक्ताओं ने वेंडर भी सलेक्ट कर लिया है। सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले 6928 उपभोक्ताओं को अप्रूवल मिल चुका है। अब तक 270 लोगों ने अपने मकानों में रूफटॉप सोलर पैनल लगवा चुके है। और 226 उपभोक्ताओं के घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाये जा रहे है। अभी तक 186 लोगों को केन्द्र एवं राज्य शासन की ओर सब्सिडी मिल चुकी है।

