मुंगेली, 19 सितम्बर 2025/sns/- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में शिक्षा की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए शालाओं एवं शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। युक्तियुक्तकरण के तहत जिले में जिन विद्यालयों में शिक्षक नहीं थे, वहां अब विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार शिक्षकों की पदस्थापना की गई है, इससे अब स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ी है। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय के मार्गदर्शन में 95 एकल शिक्षकीय शालाओं में 129 अतिरिक्त शिक्षकों को पदस्थ किया गया है, इससे स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आया है। इसी तरह अचानकमार टाइगर रिजर्व क्षेत्र के 31 विद्यालयों में 46 शिक्षकों की पदस्थापना की गई है, जिससे अब उन क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधा मिल रही है।
युक्तियुक्तकरण के इस प्रभावशाली क्रियान्वयन से जिले के दूरस्थ और पिछड़े इलाकों के बच्चों को अब अपने गांव में ही बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो रही है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि युक्तियुक्तकरण के तहत 05 शिक्षकविहीन प्राथमिक स्कूलों में 13 शिक्षक पदस्थ किए गए हैं, जिसमें प्राथमिक शाला घुठेली में 04 शिक्षक, प्राथमिक शाला बासीन में 02 शिक्षक, प्राथमिक शाला पकरिया में 03 शिक्षक प्राथमिक शाला दानवखार में 02 शिक्षक और प्राथमिक शाला रंजकी में 02 शिक्षक का पदांकन किया गया। वहीं, 03 उच्च स्तर की शालाओं में 09 शिक्षक पदस्थ किए गए हैं, जिसमें पूर्व माध्यमिक शाला अचानकमार, हाईस्कूल मुंडादेवरी व हाईस्कूल पथरगढ़ी में 03-03 शिक्षक पदस्थ किए गए हैं, इससे स्कूलों में विषय के अनुसार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
गौरतलब है कि बच्चों के बेहतर भविष्य की संकल्पना के साथ शिक्षकविहीन एवं एकल शिक्षकीय स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया की गई थी, जिसका सकारात्मक परिणाम दिखाई दे रहा है। युक्तियुक्तकरण के माध्यम से बच्चों को न केवल विषय विशेषज्ञ शिक्षक मिले, बल्कि उनकी बोध क्षमता एवं संज्ञानात्मक कौशल में सकारात्मक बदलाव आया है।

