छत्तीसगढ़

कार्यात्मक व्यावसायिक प्रशिक्षण और अनुसंधान सोसायटी एवं एस.टी. फाउंडेशन द्वारा डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ

अम्बिकापुर, 02 अगस्त 2025/sns/- कार्यात्मक व्यावसायिक प्रशिक्षण और अनुसंधान सोसायटी एवं एस.टी. फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में संचालित डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा एवं कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का  शुभारंभ जन शिक्षण संस्थान सरगुजा के सभागार में किया गया। इस अवसर पर प्रतिभागियों को निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान कर डिजिटल साक्षर बनाया जाएगा एवं सफल प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किया जाएगा।

कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में अंबिकापुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, नगर पालिक निगम सभापति श्री हरमिंदर सिंह, पार्षदगण श्री आलोक दुबे, श्री शशिकांत, श्री मनोज गुप्ता, श्री दीपक यादव, श्री जितेंद्र सोनी, श्रीमती प्रियंका गुप्ता, श्रीमती प्रियंका चौबे तथा वरिष्ठ समाजसेवी श्री कैलाश ठाकुर और पत्रकारिता एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक विशिष्टजन और जन शिक्षण संस्थान सरगुजा के निदेशक श्री एम. सिद्दीकी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्री एम. सिद्दीकी ने कहा कि “कौशल विकास कार्यक्रम युवाओं को रोजगार योग्य बनाने, उनकी क्षमता को निखारने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का एक सशक्त माध्यम है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।”

महापौर श्रीमती मंजूषा भगत ने सरकार एवं निजी संगठनों से मिलकर अधिक से अधिक युवाओं को ऐसे कार्यक्रमों से जोड़ने का आह्वान किया।पार्षद श्री आलोक दुबे ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को प्रतिस्पर्धी बनने में मदद करते हैं और जीवन को बेहतर दिशा देते हैं।

प्रशिक्षण केंद्र की रिसोर्स पर्सन प्रीति तिवारी ने जानकारी दी कि “इस 30 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में कंप्यूटर संबंधी सभी मूलभूत व आवश्यक विषयों को शामिल किया गया है। प्रशिक्षण के अंत में ऑनलाइन मूल्यांकन होगा, जिसमें उत्तीर्ण प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। इससे वे डिजिटल युग में दक्षता के साथ आगे बढ़ सकेंगे।”

कार्यक्रम में शालिनी, गिरीश गुप्ता (साक्षरता सरगुजा), डॉ. श्रद्धा मिश्रा, श्रीमती रानी रजक, श्रीमती पूजा दुबे, इंदु मिश्रा, एम.पी. गुप्ता (संपादक, सूर्य भारती पत्रिका), अंचल ओझा (सरगुजा साइंस ग्रुप) सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देना, साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना एवं कंप्यूटर शिक्षा के प्रति जन-जन जागरूक करना था।

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