कवर्धा, 24 जुलाई 2025/sns/- ‘‘राष्ट्रीय वॉयरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम’’ के अंतर्गत प्रति वर्ष 28 जुलाई को ‘‘विश्व हेपेटाइटिस दिवस’’ मनाया जाता है। इस वर्ष भी 28 जुलाई 2025 को जिले में हेपेटाइटिस के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में जिला स्तर पर स्वास्थ्य संस्थानों में जन-जागरूकता रैली, प्रचार-प्रसार एवं हेपेटाइटिस रोकथाम संबंधी गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। भारत सरकार द्वारा इस वर्ष के लिए विशेष थीम Hepatitis : Lets Break it Down जारी की गई है, जिसके माध्यम से आम नागरिकों, मरीजों एवं विशेष रूप से युवा वर्ग को जागरूक करने का उद्देश्य है।
हेपेटाइटिस को समझे एवं जाने हेपेटाइटिस के लक्षण क्या है?
हेपेटाइटिस ‘‘बी‘‘ – बुखार पर चकते आना, भूख कम लगना, थकान, अवसाद, गठिया, जोडो में दर्द होना। हेपेटाइटिस ‘‘सी‘‘ – थकान, अनिद्रा, पैरो में सूजन, त्वचा में खुजली, गहरे रंग का पेशाब होना।
क्या करें – हेपेटाइटिस ‘‘ऐ‘‘ एवं ‘‘ई‘‘
फल एवं सब्जियों को अच्छी तरह धोकर उपयोग करें। हाथो को साफ पानी व साबुन से अच्छी से अच्छी तरह धोएं। खाद्य-पदार्थो को अच्छी तरह पकाकर खाएं साथ ही स्वच्छ जल का प्रयोग करें एवं पानी उबाल कर पीएं।
हेपेटाइटिस ‘‘बी‘‘ एवं ‘‘सी‘‘
रक्त तथा रक्त उत्पाद पंजीकृत ब्लड बैंक से ही लिए जाए। इंजेक्श्न तथा रेजर ब्लेड को एक बार ही उपयोग में लाएं। 0-1 वर्ष के बच्चे को हेपेटाइटिस ‘‘बी‘‘ का टीका अवश्यक लगवाएं। नवजात को हेपेटाइटिस संक्रमण से बचाने के लिए सभी गर्भवती महिलाओं को हेपेटाइटिस बी की जांच करवानी चाहिए। हेपेटाइटिस ‘‘बी‘‘ धनात्मक माता से जन्म लिए नवजात शिशु को हेपेटाइटिस ‘‘बी‘‘ इम्युन ग्लोब्युलिन (एचबीआईजी) दिया जाना चाहिए।
कैसे बचे-हेपेटाइटिस ‘‘ऐ‘‘ एवं ‘‘ई‘‘
दूषित भोजन एवं पानी के सेवन से तथा स्ट्रीट फूड खाने से बचें। गंदे एवं सड़े गले सब्जियों एवं फलों का सेवन न करें। खुलेमें शौच न जाएं।
हेपेटाइटिस ‘‘बी‘‘ एवं ‘‘सी‘‘
असुरक्षित, संक्रमित रक्त के संपर्क में आने से बचें। व्यक्तिगत उपयोग के वस्तुओं को साझा न करें। घाव को सावधानी से ढ़के। संक्रमित इंजेक्षन से नशे का सेवन न करें। संक्रमित गर्भवती महिला से शिशु को बचाव हेतु प्रसव 24 घंटे के भीतर टीकाकरण करवाएं। असुरक्षित यौन संबंध से बचें।
‘‘राष्ट्रीय वॉयरल हेपेटाईटिस नियंत्रण कार्यक्रम‘‘ के अंतर्गत जिले में हेपेटाइटिस की जांच, परीक्षण, इलाज एवं टीकाकरण सभी शासकीय जिला अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध है।

