कवर्धा, 15 जुलाई 2025/sns/- श्रावण मास की पावन कांवड़ यात्रा में अब श्रद्धालुओं की राह और भी सहज और सुगम हो गई है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की सक्रिय पहल और दूरदर्शी मार्गदर्शन में कवर्धावासियों के लिए अमरकंटक यात्रा के दौरान विशेष ठहराव की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। अमरकंटक, लमनी और खुड़िया जैसे प्रमुख पड़ावों पर विश्राम के लिए समुचित प्रबंध किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु निश्चिंत होकर अपनी यात्रा पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ पूरी कर सकें। कांवड़ियों की सुविधा के लिए संपर्क नंबर भी जारी किए गए हैं, जो उनकी यात्रा को और अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाएंगे। यह पहल छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी सोच और सांस्कृतिक संवेदना का प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह ठहराव व्यवस्था न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा, बल्कि राज्य सरकार की सेवा भावना का भी प्रतीक है। श्रद्धालुओं को यात्रा मार्ग में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए अमरकंटक, लमनी एवं खुड़िया में ठहरने के लिए विभिन्न स्थानों पर व्यापक प्रबंध किए गए हैं। अमरकंटक मृत्युंजय आश्रम भोजन भंडारा सहित अन्य व्यवस्था के लिए 9425246675, 9630907385, 9425293798 है। इसके साथ ही ग्राम लमनी वन विभाग रेस्ट हाउस के लिए 7974619825, ग्राम पंचायत भवन के लिए 7747852303, देव गुड़ी भवन एवं सेरेगेशन कक्ष के लिए 7747852303, वन विभाग क्वार्टर के लिए 7974619825, आदिवासी बालक छात्रावास के लिए 7974619825 संपर्क नंबर जारी किए गए है। ग्राम खुड़ियाडेम के नीचे कबीर कुटी भवन के लिए 9131267698, हाई स्कूल भवन के लिए 9131267698, प्रा.शाला भवन के लिए 9131267698, वन विभाग जैव विविधता पार्क के लिए 9131267698, रेस्ट हाउस (सिचाई विभाग) डेम के ऊपर के लिए 9131267698 संपर्क नंबर जारी किए गए है। यह समस्त व्यवस्थाएं श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुलभ विश्राम स्थल प्रदान करने के उद्देश्य से की गई हैं।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने स्वयं इन व्यवस्थाओं की निगरानी की है और अधिकारियों को निर्देशित किया है कि यात्रियों को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो। यह प्रयास छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशीलता और नागरिकों के प्रति समर्पण का परिचायक है। छत्तीसगढ़ सरकार की यही प्राथमिकता है कि हर कांवड़ यात्री सुरक्षित, निश्चिंत और श्रद्धा भाव से अपनी यात्रा पूर्ण करे। श्रद्धा के मार्ग पर सुविधा की छांव, यही है जनसेवा का सच्चा स्वरूप।

