जगदलपुर, 27 जून 2025/sns/- सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप ने कहा कि हमारा देश सनातन काल से विश्वगुरु रहा है जब हमारे ऋषि-मुनि ज्ञान का अलख समूचे दुनिया में जगा रहे थे। देश में नालन्दा और तक्षशिला जैसे शिक्षा के प्रसिद्ध केन्द्र रहे हैं जहां पूरे विश्व से लोग शिक्षा ग्रहण करने आते थे। वर्तमान में भी भारत आधुनिक शिक्षा का नया केन्द्र बन गया है और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में जरूरत है कि हम सभी अपने भावी पीढ़ी को शिक्षा प्रदान करने के लिए समन्वित होकर सजग दायित्व निभाएं। सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप शुक्रवार को जिले के जगदलपुर विकासखण्ड अंतर्गत माड़पाल में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव को सम्बोधित कर रहे थे।
सांसद श्री कश्यप ने कहा कि सरकार शिक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कटिबद्ध है और सभी को शिक्षा प्रदान करने के लिए सरकार ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू किया है, जिससे हर वर्ग के बच्चों को शिक्षा सुलभ कराया जा सके। उन्होंने बस्तर अंचल के बच्चों को शिक्षा प्रदान करने हेतु समर्पित होकर दायित्व निर्वहन किए जाने शिक्षकों से आह्वान करते हुए कहा कि बस्तर में प्रतिभाओं की कमी नहीं है बल्कि उन्हें उचित अवसर देकर संवारने की जरूरत है। इस मौके पर विधायक जगदलपुर श्री किरण देव ने कहा कि राज्य सरकार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिये कटिबद्ध है। इस दिशा में स्कूलों में सभी आवश्यक व्यवस्थाओं सहित शिक्षक की पदस्थापना कर पढ़ाई के लिये सभी सुविधाएं मुहैया करवा रही है। इसे ध्यान रखते हुए हम सभी बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए समन्वित प्रयास करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल अंक प्राप्त करने या सरकारी नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि यह हमारे व्यक्तित्व, सोच और समाज में योगदान देने की क्षमता को भी निखारती है। अतएव सभी बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने की दिशा में लगातार प्रयास करते रहना चाहिए। इस दौरान जनपद पंचायत जगदलपुर के अध्यक्ष श्री पदलाम नाग ने शिक्षा के उजियारा को चंहुओर पहुंचाने के लिए सभी लोगों से सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया। इस मौके पर अतिथियों सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और कलेक्टर श्री हरिस एस एवं सीईओ जिला पंचायत श्री प्रतीक जैन ने नवप्रवेशी बच्चों को तिलक लगाकर तथा मिष्ठान खिलाकर स्वागत किया और उन्हें स्कूल बस्ता-गणवेश एवं पाठ्य पुस्तकें प्रदान किया। साथ ही स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान किया। वहीं न्यौता भोज में स्कूली बच्चों के साथ भोजन ग्रहण किया, इसके साथ ही स्कूल परिसर में पौधारोपण भी किया।
जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के आरंभ में जिला शिक्षा अधिकारी श्री बीआर बघेल ने स्वागत उद्बोधन में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के तहत सभी शाला अप्रवेशी तथा शाला त्यागी बच्चों का स्कूलों में दाखिला संबंधी कार्ययोजना और शैक्षणिक व्यवस्थाओं के बारे में अवगत कराते हुए बताया कि हमारे जिले के विद्यार्थियों ने गत शैक्षणिक सत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। इस सत्र में भी सभी के सहयोग से अंदरूनी ईलाके तक के बच्चों तक शिक्षा सुविधाओं को सुलभ करवाने के लिए सकारात्मक पहल करने सहित बोर्ड परीक्षाओं में आशातीत सफलता हासिल करने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न स्कूलों के शाला प्रबंधन समितियों के पदाधिकारियों सहित जिले में पदस्थ बीईओ-बीआरसी, प्राचार्य और अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली शिक्षक-शिक्षिकाएं, बच्चों के माता-पिता एवं अभिभावकों के साथ ही बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में डीएमसी श्री अखिलेश मिश्रा ने आभार व्यक्त किया।


