छत्तीसगढ़

जल संरक्षण के लिए जिले के 203 निष्क्रिय नलकूपों में बन रहे सैंड फिल्टर रिचार्ज पिट मोर गांव मोर पानी महाअभियान के अंतर्गत वर्षा जल के संरक्षण का व्यापक प्रयास

मुंगेली, 19 जून 2025/sns/- जिले में भूमिगत जल स्तर में गिरावट और पेयजल संकट को देखते हुए जल संसाधनों के पुनर्जीवन हेतु अभिनव प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप प्रारंभ मोर गांव, मोर पानी महाअभियान के अंतर्गत जिले में निष्क्रिय पड़े (डीफंक्ट) बोरवेलों को पुनः उपयोगी बनाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इस उद्देश्य से डीफंक्ट बोरवेल में सैंड फिल्टर युक्त रिचार्ज पिट का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे वर्षा जल को अधिकतम रूप से धरती में उतारा जा सके और भूजल स्तर को पुनः सशक्त किया जा सके। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों को दीर्घकालिक पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जिले के तीन जनपद पंचायतों लोरमी, मुंगेली और पथरिया में अब तक 265 निष्क्रिय बोरवेलों की पहचान की गई है, जिनमें से 203 कार्यों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, इनमें लोरमी में 45, मुंगेली में 86 और पथरिया 72 बोरवेल शामिल है। इनमें से 11 बोरवेलों का उन्नयन कार्य पूर्ण कर लिया गया है। वहीं 110 स्थलों पर कार्य प्रगति पर है। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभाकर पाण्डेय के मार्गदर्शन में कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। उन्होंने सभी स्वीकृत कार्यों को 30 जून तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह महत्त्वपूर्ण पहल न केवल जल संकट के समाधान की दिशा में एक ठोस कदम है, बल्कि यह ग्रामीणों को दीर्घकालिक राहत देने में भी सहायक सिद्ध होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *