बीजापुर, 25 मार्च 2026/sns/- ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत के साथ बढ़ती गर्मी को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीआर पुजारी, जिला बीजापुर द्वारा लू (हीट वेव) से बचाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आमजन से अपील की गई है कि लू के प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए सतर्क रहें और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।
लू के प्रमुख लक्षण- गर्मी बढ़ने के साथ लू लगने की संभावना भी बढ़ जाती है। लू लगने पर सिर भारी होना, तेज सिरदर्द, बुखार, मुंह सूखना, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी, अत्यधिक प्यास लगना, शरीर का तापमान बढ़ना लेकिन पसीना न आना तथा बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
लू से बचाव के उपाय- स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि अत्यावश्यक कार्य न हो तो दोपहर के समय घर से बाहर न निकलें। बाहर जाते समय सिर और कान को कपड़े से ढंकें, हल्के और सूती कपड़े पहनें तथा नियमित रूप से पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। लंबे समय तक धूप में रहने से बचें। अधिक पसीना आने पर ओआरएस घोल का सेवन लाभकारी बताया गया है। चक्कर या उल्टी की स्थिति में तुरंत छायादार स्थान पर आराम करें और ठंडे पेय जैसे लस्सी, मठ्ठा, नींबू पानी या फलों का रस लें। प्राथमिक सलाह के लिए 104 आरोग्य सेवा केंद्र से निःशुल्क परामर्श लिया जा सकता है।
लू लगने पर क्या करें- यदि किसी व्यक्ति को लू लग जाए तो उसे तुरंत ठंडी और छायादार जगह पर लिटाएं। सिर पर ठंडे पानी की पट्टी रखें और शरीर पर ठंडे पानी का छिड़काव करें। पेज, कच्चे आम का रस, जलजीरा या अन्य तरल पदार्थ दें। ओआरएस के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन या एएनएम से संपर्क किया जा सकता है। गंभीर लक्षण होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल जाएं।
क्या करें- पर्याप्त पानी पिएं, भले ही प्यास न लगे। ओआरएस, छाछ, लस्सी और नींबू पानी जैसे घरेलू पेय पदार्थों का सेवन शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाता है। हालांकि, जिन लोगों को हृदय, गुर्दे, लीवर या मिर्गी संबंधी समस्या है वे तरल मात्रा बढ़ाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
क्या न करें- धूप में नंगे पांव न निकलें। दोपहर के समय खाना पकाने से बचें। शराब, चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक का सेवन कम करें, क्योंकि ये शरीर को निर्जलित करते हैं। अधिक प्रोटीन युक्त भोजन से भी परहेज करने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि सावधानी बरतें, जागरूक रहें और दूसरों को भी लू से बचाव के प्रति जागरूक करें।

