बीजापुर, 25 मार्च 2026/sns/-जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने और शिक्षा, स्वास्थ्य सहित समग्र विकास को गति देने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने सर्व समाज के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में समाज में व्याप्त कुरीतियों, विशेषकर बाल विवाह जैसी गंभीर समस्या पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित सभी समाज प्रमुखों ने एकमत होकर बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने का संकल्प लिया। साथ ही सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इसके दुष्परिणामों से अवगत कराने पर जोर दिया गया।
कलेक्टर ने जिले में कुपोषण और एनीमिया की गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि कम उम्र में विवाह, गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच की कमी और जागरूकता के अभाव के कारण माताओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि दूरस्थ इलाकों में मलेरिया जैसी बीमारियां अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में माओवाद प्रभावित क्षेत्र होने के कारण कई अंदरूनी क्षेत्रों तक शासकीय योजनाओं और जागरूकता अभियानों की पहुंच नहीं हो पाती थी जिससे समस्याएं बढ़ीं। लेकिन अब हालात सामान्य होने पर समाज के सहयोग से बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर देते हुए कलेक्टर ने नई शिक्षा नीति के अनुरूप सुधार लाने, स्कूल छोड़ चुके और अप्रवेशी बच्चों को फिर से मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि अशिक्षा विकास में सबसे बड़ी बाधा है और इससे समाज में नकारात्मक प्रवृत्तियां जन्म लेती हैं।
कलेक्टर ने जानकारी दी कि पहले माओवाद के कारण नष्ट हुए स्कूल अब पुनः संचालित हो रहे हैं। अधिकांश स्थानों पर पक्के भवन स्वीकृत हो चुके हैं और शेष स्कूलों के लिए भी जल्द स्वीकृति दी जाएगी। प्रत्येक स्कूल में कम से कम दो शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित की गई है तथा आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त व्यवस्था भी की जाएगी। आगामी शैक्षणिक सत्र में हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने के लिए समाज से सक्रिय भागीदारी की अपील की गई।
बैठक में आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने, सीसीटीवी निगरानी, नियमों में कड़ाई और नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई।
इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे, सीएमएचओ डॉ बीआर पुजारी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री लखनलाल धनेलिया, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री देवेन्द्र सिंह पटले, डीएमसी श्री भवानी शंकर रेड्डी सहित सर्व आदिवासी समाज, कंवर समाज, दोरला, गोंड, मुरिया, हल्बा, परधान, कुम्हार, सतनामी, मुस्लिम एवं ब्राह्मण समाज सहित विभिन्न समाज के प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और बीजापुर के समग्र विकास के लिए निरंतर सहयोग देने का संकल्प लिया।

