छत्तीसगढ़

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला सम्मान समारोह एवं जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

कवर्धा, 09 मार्च 2026/sns/-नालसा, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के तत्वाधान में प्रधान जिला न्यायाधीश, अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कबीरधाम श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे के निर्देशानुसार 08 मार्च 2026 को ’’अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस’’ के अवसर पर ‘‘सशक्त नारी समृद्ध राष्ट्र‘‘ के थीम पर कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (एडीआर भवन) में महिला सम्मान समारोह एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे के द्वारा जिला स्थापना में कार्यरत महिला न्यायिक कर्मचारियों, महिला अधिवक्ताओं को स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया एवं नगर पालिका के साफ-सफाई के लिए कार्यरत महिला सफाई कर्मचारी को शाॅल व श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रधान जिला न्यायाधीश श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे द्वारा उपस्थित समस्त न्यायिक अधिकारीगण, कर्मचारीगण, अधिवक्तागण, महिलाओं को निःशुल्क विधिक सहायता, महिला सशक्तिकरण, महिलाओं के अधिकारों, घरेलु हिंसा, पीड़ित क्षतिपूर्ति, महिला और मानवाधिकार, महिला और लड़कियों में निवेश, समान अधिकार-समान अवसर, ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना, महिलाओं के खिलाफ हिंसा को समाप्त करने के लिए कार्यवाही के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। इसी प्रकार जिला न्याय पालिका कबीरधाम के समस्त सम्माननीय न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण एवं न्यायिक कर्मचारीगणों के द्वारा उपस्थित महिला प्रतिभागियों को घरेलु हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005, भारतीय न्यायसंहिता, 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा, संहिता के अंतर्गत अम्ल हमला, बलात्कार या बलात्संग, दहेज मृत्यु आत्महत्या का दुष्प्रेरण, महिला की लज्जा भंग करने के आशय से स्त्री परहमला, दृष्यरतिकता, पीछाकरना, शब्द, अंग विक्षेप या कार्य जो किसी स्त्री की लज्जा का अनादर करने के लिए आशायित है, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम इत्यादि के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की गई।

साथ ही शासकीय कस्तुरबा गांधी बालिका आवासीय छात्रावास कबीरधाम में जागरूकता शिविर का आयोजन सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कबीरधाम के द्वारा छात्राओं को महिलाओं को निःशुल्क विधिक सहायता, महिला सशक्तिकरण, महिलाओं के अधिकारों, घरेलु हिंसा, पीड़ित क्षतिपूर्ति, लैंगिक उत्पीड़न, महिला और मानवाधिकार, महिला और लड़कियों के शिक्षा, समान अधिकार-समान अवसर, ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना, महिलाओं के खिलाफ हिंसा को समाप्त करने के लिए कार्यवाही इत्यादि के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।

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