बीजापुर, 27 दिसंबर 2025/sns/-बीजापुर जिले की सभी ग्राम पंचायतों में आज “विशेष ग्राम सभा” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पेसा अधिनियम (PESA Act) के प्रति जनप्रतिनिधियों एवं समुदाय को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस विशेष ग्राम सभा के तहत कलेक्टर श्री संबित मिश्रा एवं सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे के मार्गदर्शन में पीरामल फाउंडेशन के रजनीश (प्रोग्राम लीडर) शिप्रा एवं स्नेहा (गांधी फेलो) ने नैमेड, दुगोली, धनोरा, ईटपाल, आवापल्ली एवं मुरदण्डा ग्राम पंचायतों का भ्रमण किया। उन्होंने संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिव के साथ मिलकर उपस्थित वार्ड पंचों, मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पटवारियों तथा समुदाय के लोगों को पेसा अधिनियम की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि पेसा अधिनियम (पंचायत उपबन्ध -अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार अधिनियम 1996) भारत सरकार द्वारा बनाया गया एक महत्वपूर्ण कानून है, जो अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाता है। यह अधिनियम ग्राम सभाओं को अपनी भूमि, जल, जंगल और सांस्कृतिक संसाधनों पर निर्णय लेने का अधिकार देता है तथा विकास योजनाओं में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करता है।
पीरामल फाउंडेशन की टीम ने ग्राम सभा की भूमिका, अधिकार और जिम्मेदारियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पेसा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से जनजातीय समुदायों को स्वशासन का वास्तविक अधिकार प्राप्त हो सकता है। कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने भी अपने अधिकारों को जानने में रुचि दिखाई और भविष्य में ग्राम सभा को और सशक्त बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस प्रकार बीजापुर जिले में आयोजित विशेष ग्राम सभा न केवल जनजागरूकता का माध्यम बनी बल्कि पेसा अधिनियम के प्रति समुदाय में सकारात्मक संवाद और सहभागिता को भी मजबूती मिली।

