छत्तीसगढ़

संभागायुक्त श्री एस. एन. राठौर ने कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के साथ जिला अस्पताल का किया निरीक्षण

कवर्धा, 01 दिसंबर 2025/sns/- दुर्ग संभागायुक्त श्री एस. एन. राठौर आज कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के साथ जिला अस्पताल कवर्धा के औचक निरीक्षण में पहुँचे, जहाँ उन्होंने विभिन्न वार्डों तथा स्वास्थ्य सेवाओं का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एसएनसीओ वार्ड, हमर लैब, सीटी स्कैन यूनिट, लेबर वार्ड तथा अन्य महत्त्वपूर्ण विभागों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान श्री राठौर ने सिटी स्कैन वार्ड में पहुँचकर तकनीशियनों से मशीन के संचालन, मरीजों की संख्या तथा सेवा व्यवस्था संबंधी जानकारी ली। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन का 24×7 संचालन स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की प्रशंसा करते हुए कहा कि लगातार उपलब्ध रहने वाली यह सेवा दूरदराज के ग्रामीणों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि जिले में सीटी स्कैन सेवा पूरी तरह सुचारू है। ट्रेंड टेक्नीशियन तथा मेडिकल स्टाफ की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है। प्रतिदिन 10 से 15 मरीजों का न्यूनतम शुल्क में सीटी स्कैन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विगत तीन महीनों में कुल 744 मरीजों का सीटी स्कैन किया जा चुका है, जिससे लोगों को समय पर जांच एवं उपचार मिल रहा है।
इसके बाद संभागायुक्त श्री राठौर महिला एवं लेबर वार्ड पहुँचे, जहाँ उन्होंने पूर्व में दिए गए निर्देशों के पालन की स्थिति देखी। उन्होंने वार्ड की स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था तथा माताओं व नवजातों को प्रदान की जा रही चिकित्सा सुविधाओं का निरीक्षण किया। श्री राठौर ने प्रसूता महिलाओं से सीधे संवाद कर उनको मिल रही सुविधा, उपचार एवं भोजन आदि के संबंध में फीडबैक भी लिया। प्रसूताओं ने जिला अस्पताल की सेवाओं पर संतोष व्यक्त किया।
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि कवर्धा जिला अस्पताल की मातृ-शिशु सेवाएँ इतनी सुगम और सुदृढ़ हो रही हैं कि अब सुदूर वनांचल क्षेत्रों के अलावा खैरागढ़, बेमेतरा, गंडई तथा पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश के मंडला जिले के लोग भी यहाँ प्रसव के लिए आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षित प्रसव हेतु सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही वनांचल क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती माताओं के लिए सोनोग्राफी शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें प्रारंभिक जांच एवं आवश्यक परामर्श गांव के नजदीक ही प्राप्त हो सके।

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