सुकमा, 26 नवम्बर, 2025/sns/- मंगलवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल और निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस. एस. टुटेजा ने कृषि विज्ञान केंद्र सुकमा का एक दिवसीय दौरा किया, जहाँ उन्होंने लगभग 60 किसानों से सीधे संवाद कर क्षेत्रीय कृषि स्थिति और संभावनाओं पर चर्चा की।
माननीय कुलपति जी ने प्राकृतिक एवं गौ-आधारित खेती के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि इससे मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन बढ़ता है, मिट्टी की उर्वरता सुधरती है और फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है।
देशी गाय आधारित जैविक घोल-जीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र और ब्रह्मास्त्र-की उपयोगिता, निर्माण विधि, मात्रा, छिड़काव समय और सावधानियों की विस्तृत जानकारी किसानों को प्रदान की गई।
कुलपति चंदेल ने कृषि विज्ञान केंद्र के तकनीकी सहयोग से जिले में हर्बल गुलाल बना रहीं महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं की सराहना की और बेहतर गुणवत्ता वाले हर्बल गुलाल उत्पादन हेतु उन्नत तकनीक अपनाने के साथ साथ बेहतर पैकिंग करने का सुझाव दिया। आगे किसानों को सलाह देते हुए कुलपति ने कहा कि सुगन्धित धान बेचने के बजाय धान से चावल तैयार कर बेचने से उन्हें अधिक लाभ मिलेगा साथ ही सुकमा जिले की सुगंधित धान किस्म ‘गंगा बारू’ के उत्पादन में वृद्धि हेतु भी आवश्यक मार्गदर्शन दिए।
विश्वविद्यालय के निदेशक विस्तार सेवाएँ डॉ. एस.एस. टुटेजा ने तिल की उन्नत किस्म ‘उन्नत रामा’ के लाभ बताए, जिसमें अधिक उत्पादन, श्रेष्ठ तेल गुणवत्ता और रोग प्रतिरोधक क्षमता शामिल है। उन्होंने जानकारी दी कि ‘समूह अग्रिम पंक्ति फसल प्रदर्शन कार्यक्रम’ के तहत सुकमा जिले में 495 एकड़ क्षेत्र में तिल की फसल लगाई गई है, जो कि वर्तमान में फूल अवस्था में है और किसानों से प्राप्त फीडबैक उत्साहजनक है।
माननीय कुलपति एवं निदेशक विस्तार सेवाएं के करकमलों द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को जीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र जैविक घोल तैयार करने हेतु ड्रम प्रदान किए गए। कुछ किसानों को बैटरी चालित स्प्रेयर उपलब्ध कराए गए तथा सब्जी विस्तार को प्रोत्साहित करने हेतु बैंगन और टमाटर की नर्सरी भी प्रदान की गई, ”एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत किसानों को आम के दशहरी और बैंगनफली किस्म के पौधे वितरित किए गए।
माननीय कुलपति महोदय और निदेशक विस्तार सेवाएं द्वारा सभी आगन्तुकों एवं किसानों के साथ केंद्र द्वारा लगाए गए तिल के समूह अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन, प्रक्षेत्र में लगाये गए बीजोत्पादन कार्यक्रम, मछली पालन एवं अन्य इकाइयों का अवलोकन कर बहुमूल्य सुझाव और दिशा-निर्देश दिए, साथ ही ”एक पेड़ माँ के नाम” वृक्षारोपण अभियान के तहत आम के दशहरी किस्म का रोपण किया
कार्यक्रम में कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, जगदलपुर के अधिष्ठाता डॉ. आर.एस. नेताम, सह निदेशक अनुसंधान डॉ. ऐ.के. ठाकुर, रायपुर से कृषि वैज्ञानिक एवं कुलपति जी के निज सहायक डॉ. रवि श्रेय, एस.पी.पी. से श्री वर्मा जी, कृषि विज्ञान केंद्र, सुकमा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख एच.एस. तोमर,कृषि वैज्ञानिक श्री राजेन्द्र प्रसाद कश्यप एवं डॉ. योगेश कुमार सिदार, प्रक्षेत्र प्रबंधक श्रीमति मयूरी ठाकुर के साथ-साथ गुलशन वर्मा, परमेश सिंह शोरी, ज्योतिष कुमार पोटला, लक्ष्मी ठाकुर, ओमप्रकाश एवं नंदा सरपंच श्री मुक्का नाग उपस्थित थे।


