मुंगेली, 22 नवंबर 2025/sns/- मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत मिशन 90 प्लस परीक्षा परिणाम के संबंध में कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल एवं जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पांडेय ने जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों व सभी स्कूल प्राचार्यों की बैठक लेकर विस्तृत चर्चा की। बैठक में विद्यालयवार शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा की गई तथा कमजोर प्रदर्शन पर कई प्राचार्यों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने सभी प्राचार्यों से बच्चों की शैक्षणिक स्थिति की जानकारी ली और कहा कि शिक्षा उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। एक सफल छात्र पूरे समाज के लिए प्रेरणा बनता है, इसलिए विद्यालय में उत्कृष्ट शैक्षिक वातावरण बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के बेहतर प्रयासों की सराहना करते हुए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फास्टरपुर की प्राचार्य श्रीमती पूर्णिमा मिश्रा, पीएमश्री बी.आर.साव स्कूल मुंगेली के प्रभारी प्राचार्य श्री राजेन्द्र क्षत्रिय एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दशरंगपुर के व्याख्याता श्री विकास शर्मा को शिक्षा गुणवत्ता में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
वहीं शासकीय हाईस्कूल चमारी (चि.), हाईस्कूल बीजातराई, हाईस्कूल जोता, हाईस्कूल भथरी, हाईस्कूल खुटेरा, हाईस्कूल कन्या पथरिया, हायर सेकेण्डरी स्कूल चकरभठा, कन्या मुंगेली, नगर पालिका मुंगेली, मनोहरपुर, चंदली, कन्या सरगॉव, सिलदहा, सेजेस हिन्दी माध्यम सरगॉव के साथ सी,डी एवं ई ग्रेड परिणाम वाले विद्यालय के प्राचार्यों पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए परिणाम में सुधार हेतु चेतावनी दी। साथ ही हायर सेकेण्डरी पुछेली के प्राचार्य का एक दिन का सैलरी काटने तथा फुलवारी स्कूल के प्राचार्य को नोटिस जारी कर हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक, बीईओ एबीईओ, बीआरसी को विद्यालयों का सतत मानिटरिंग करने के साथ पाठ्यक्रम पूर्णता की जानकारी एवं शिक्षकों की डेली डायरी अवलोकन करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा गुणवत्ता में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संसाधनों की कमी का बहाना न बनाते हुए उपलब्ध साधनों से ही सर्वाेत्तम परिणाम देने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी प्राचार्यों को समय पर विद्यालय पहुंचने और शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी प्राचार्यों को चेतावनी देते हुए कहा कि “शिक्षा और बच्चों का भविष्य हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है, इसमें खराब प्रदर्शन पर कार्यवाही की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने शिक्षा गुणवत्ता पर जोर देते हुए नगरपालिका स्कूल के दसवीं कक्षा के खराब परिणाम पर विशेष रूप से चिंता व्यक्त की तथा जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी बीईओ अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। सभी शिक्षक अपार क्षमता रखते हैं, इसलिए उन्हें अपने शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। प्राचार्यों का पहला कार्य स्कूल में समय पर शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षक स्कूल के बच्चों को अपना बच्चा मानते हुए उनके साथ घुले-मिले। सभी प्राचार्य आपस में संवाद करें। एक दूसरे स्कूल के बच्चों का आपस में संवाद कराएं, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो।
जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पांडेय ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि कलेक्टर के मार्गदर्शन में शिक्षा गुणवत्ता लगातार बेहतर हो रही है। कमजोर बच्चों की पहचान कर अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जा रही हैं। शिक्षक द्वारा पालकों से नियमित संपर्क कर बच्चों की निगरानी और शिक्षा प्रगति में सुधार के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को विषय से सम्बन्धित आ रही कठिनाइयों के समाधान हेतु विषयवार व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है, जिसमें विद्यार्थियों को पूछे गये प्रश्नों का उत्तर विषय-विशेषज्ञों द्वारा दिया जाता है। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी एल.पी.डाहिरे, डीएमसी श्री अशोक कश्यप, बीईओ और सभी स्कूलों के प्राचार्य मौजूद रहे।
अपार आईडी की प्रगति, न्योता भोज, आरईएस निर्माण की हुई समीक्षा
बैठक में विद्यार्थियों के अपार आईडी की प्रगति, पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना, पीएम पोषण न्योता भोज तथा आरईएस निर्माण कार्य की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि अपार आईडी से संबंधित कार्यों में एक सप्ताह के भीतर लक्ष्य अनुसार प्रगति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षण व्यवस्था को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए अपार आईडी का समय पर अद्यतन होना आवश्यक है। पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना न्योता भोज के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को इसका लाभ मिल सके। साथ ही पोषण शक्ति योजना से जुड़ी सभी प्रविष्टियाँ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने कहा। कलेक्टर ने आरईएस अंतर्गत विद्यालयों में निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में त्वरित प्रगति लाने और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


