छत्तीसगढ़

प्रबंधकों के हड़ताल पर जाने को लेकर जिला प्रशासन की बड़ी कार्यवाही 17 उपार्जन केंद्र के 12 प्रभारी प्रबंधकों पर एफआईआर दर्ज

सुकमा, 19 नवंबर 2025/sns/- खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी कार्य को निर्विघ्न रूप से संचालित करने हेतु शासन के द्वारा 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक एस्मा (ईएसएमए) एक्ट लागू किया गया है। इसके बावजूद जिले की विभिन्न सहकारी समितियों के 17 उपार्जन केंद्रों के 12 प्रभारी प्रबंधक 03 नवंबर 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे धान उपार्जन सहित कई महत्वपूर्ण शासकीय सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं।
एस्मा एक्ट लागू होने के बाद किसी भी कर्मचारी द्वारा कार्य से दूर रहना, कार्य में बाधा उत्पन्न करना अथवा अनाधिकृत अनुपस्थिति रहना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। इसके बावजूद संबंधित प्रभारी प्रबंधकों के द्वारा शासन के निर्देशों की अवहेलना करते हुए आज दिनांक तक कार्य पर उपस्थिति नहीं दी गई है।
जिन समितियों एवं उपार्जन केंद्रों के प्रभारी प्रबंधक लगातार अनुपस्थित पाए गए हैं, उनमें कोंटा, गोलापल्ली, किस्टाराम समिति के प्रभारी श्री रफीक, एर्राबोर समिति के प्रभारी श्री प्रसाद राव, चिंतागुफा समिति के प्रभारी श्री हेमला गंगा, पोलमपल्ली समिति के प्रभारी श्री आनंद कुमार मिश्रा, जगरगुण्डा समिति के प्रभारी श्री संतोष जयसवाल, मुण्डपल्ली समिति के प्रभारी श्री देवा मड़कम, सुकमा समिति के प्रभारी श्री मनीष बागड़े, तोंगपाल-चिड़पाल समिति के प्रभारी श्री नवीन मिश्रा, कुकानार समिति के प्रभारी श्री उदय राज सिंह, कोडरीपाल समिति के प्रभारी श्री अशोक बघेल, गादीरास-मानकापाल समिति के प्रभारी श्री मनोज वासनिकर, सोनाकुकानार समिति के प्रभारी श्री मनोज वासनिकर तथा दोरनापाल समिति के प्रभारी श्री दूधी हूंगा शामिल हैं।
इन सभी कर्मचारियों को 14 नवंबर को कार्यालय सुकमा द्वारा कार्य पर तत्काल उपस्थित होने का नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि उनके हड़ताल पर रहने से धान उपार्जन कार्य, कृषकों को ऋण वितरण एवं वसूली, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन सामग्री वितरण तथा समितियों के अन्य नियमित कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं, जो सीधे कृषकों, हितग्राहियों और आम नागरिकों की सेवा एवं हित से जुड़े हुए हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों द्वारा आज तक कार्यस्थल पर उपस्थित न होकर शासन के आदेशों की अवहेलना जारी रखी गई है। प्रशासन ने इसे एस्मा एक्ट के प्रत्यक्ष उल्लंघन के रूप में लेते हुए सभी प्रभारी प्रबंधकों पर एफआईआर दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।

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