बीजापुर, 11 नवम्बर 2025/sns/- आदिवासी विकास विभाग, बीजापुर द्वारा वन अधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वर्ष 2006 से 2025 के बीच कुल 15,265 वन अधिकार प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इनमें 12,434 व्यक्तिगत एवं 2,831 सामुदायिक वन अधिकार प्रमाण पत्र शामिल हैं।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वन अधिकार प्रमाण पत्रों का वितरण कार्य वर्ष 2008 से प्रारंभ हुआ था। इस अवधि में वर्ष 2011 में सर्वाधिक 2,477 व्यक्तिगत प्रमाण पत्र जारी किए गए, जबकि वर्ष 2020 में कुल 3,067 प्रमाण पत्र (जिसमें 1,566 व्यक्तिगत और 1,501 सामुदायिक) प्रदान किए गए — जो हाल के वर्षों में सर्वाधिक संख्या है।
नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में 230 तथा वर्ष 2025 में अब तक 390 व्यक्तिगत वन अधिकार प्रमाण पत्र पात्र हितग्राहियों को वितरित किए जा चुके हैं।
सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग बीजापुर ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम के तहत पात्र जनजातीय परिवारों को उनके परंपरागत वनाधिकारों की मान्यता और संरक्षण देने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया सतत रूप से जारी है। उन्होंने कहा —
“वनवासियों को उनकी जमीन पर अधिकार दिलाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। शेष पात्र आवेदनों का शीघ्र निराकरण कर प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।”
वन अधिकार अधिनियम 2006 का उद्देश्य अनुसूचित जनजातियों और परंपरागत वनवासियों को उनके परंपरागत रूप से उपयोग किए जा रहे वन भूमि पर कानूनी स्वामित्व का अधिकार प्रदान करना है, जिससे वे अपने जीवन-यापन और आजीविका को सुरक्षित रख सकें।

