छत्तीसगढ़

मृदा सुधार हेतु ग्राम पंचायतों में प्रशिक्षण किसानों को मिला सॉइल हेल्थ कार्ड संतुलित उर्वरक प्रयोग से बढ़ेगी उपज, बनी रहेगी मृदा स्वास्थ्य

मोहला, 09 अक्टूबर 2025/sns/- जिले में मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजनांतर्गत ग्राम पंचायत दनगढ़, भोजटोला एवं माडिंग पीडिंग भुर्सा में कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में तीनों ग्राम पंचायतों के सरपंच, ग्राम पटेल, पंच एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा सहायकगण उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित अतिथियों द्वारा किसानों को मृदा स्वास्थ्य पत्रक का वितरण किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों द्वारा किसानों से संतुलित मात्रा में उर्वरक एवं खाद का प्रयोग करने की अपील की गई। जिससे न केवल फसल की उपज बढ़ेगी, बल्कि उत्पादन लागत में भी कमी आएगी। जिससे किसानों की आय में भी वृद्धि होगी, साथ ही मृदा का स्वास्थ्य स्थिर एवं टिकाऊ बना रहेगा। कार्यक्रम में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री असीम सिन्हा द्वारा किसानों को मृदा स्वास्थ्य पत्रक की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि खेती में टिकाऊपन बनाए रखने हेतु मृदा के स्वास्थ्य को संरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि एक ही फसल को बार-बार लगाना, असंतुलित उर्वरक एवं कीटनाशकों का उपयोग, फसल अवशेष जलाना, अत्यधिक जुताई एवं मृदा कटाव से मृदा स्वास्थ्य में गिरावट होती है। इसके समाधान के संबंध में बताया कि संतुलित खाद के उपयोग के साथ-साथ केंचुआ खाद वर्मी कम्पोस्ट घर पर बनाना, हरी खाद जैसे ढँचा, सनई, मूंग, लोबिया आदि को फसल चक्र में शामिल करना तथा जैव उर्वरक जैसे अजोला, नील हरित काई, राइजोबियम, फास्फोरस एवं पोटाश सॉल्यब्लाइजिंग बैक्टीरिया आदि के उपयोग से मृदा को उपजाऊ और स्वस्थ रखा जा सकता है।
विभागीय अधिकारी द्वारा किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने की सलाह दी गई। जिससे मृदा की उर्वरता बनी रहे और स्वास्थ्यवर्धक उत्पादन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि मृदा स्वास्थ्य का सीधा प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर पड़ता है, इसलिए मृदा का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। सॉइल हेल्थ कार्ड के माध्यम से किसान को अपने खेत की मिट्टी में पाए जाने वाले 16 पोषक तत्वों जैसे नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम, सल्फर, कार्बन, जिंक, आयरन, मैंगनीज, बोरोन आदि की जानकारी प्राप्त होती है, जिससे वैज्ञानिक आधार पर खाद एवं उर्वरकों का चयन किया जा सकता है। विश्लेषण परिणाम के आधार पर ग्राम पंचायत दनगढ़ के किसानों को प्रति एकड़ औसत सिफारिश मात्रा में कंपोस्ट या गोबर खाद 1.36 टन, यूरिया 47.80 किलोग्राम, डीएपी 57.60 किलोग्राम, सिंगल सुपर फास्फेट 116 किलोग्राम एवं म्युरेट ऑफ पोटाश 4.4 किलोग्राम उपयोग करने की सलाह दी गई।

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