छत्तीसगढ़

जिले में शालाओं के सतत पर्यवेक्षण हेतु दिशा-निर्देश जारी

अम्बिकापुर, 12 सितम्बर 2025/sns/- जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार हेतु कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक समग्र शिक्षा श्री विलास भोसकर द्वारा सतत शाला पर्यवेक्षण संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिसके अनुसार संकुल स्तर पर पर्यवेक्षण के कार्य में प्रत्येक संकुल प्रभारी एवं संकुल समन्वयक अपने संकुल अंतर्गत सभी शालाओं का माह में न्यूनतम 2 बार पर्यवेक्षण करेंगे। वहीं विकासखंड स्तर पर पर्यवेक्षण कार्य में प्रत्येक विकासखंड को 3 जोन में विभाजित किया जाएगा। विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड स्त्रोत समन्वयक को क्रमशः एक-एक जोन का प्रभारी बनाया जाएगा।प्रत्येक जोन प्रभारी अधिकारी द्वारा माह में कम से कम 20 प्रतिशत शालाओं का निरीक्षण किया जाएगा, साथ ही वर्ष में प्रत्येक शाला का न्यूनतम 2 बार पर्यवेक्षण अनिवार्य होगा। जिला स्तर पर पर्यवेक्षण में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय एवं जिला मिशन समन्वयक द्वारा प्रतिमाह न्यूनतम 50 शालाओं का रैंडम पर्यवेक्षण किया जाएगा। जारी निर्देशासनुसार डाइट प्राचार्य द्वारा प्रत्येक विकासखंड हेतु 2 प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे, जो अपने क्षेत्र के संकुलों का निरीक्षण करेंगे।डाइट प्रभारी द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक संकुल की न्यूनतम 10 प्रतिशत शालाओं का निरीक्षण प्रतिमाह किया जाए। निरीक्षण के दौरान अध्ययन-अध्यापन बाधित न करने, सभी बिंदुओं का सत्यापन कर गूगल शीट व हार्ड कॉपी में प्रविष्टि अनिवार्य करने सहित अन्य दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *