अम्बिकापुर, 01 अप्रैल 2026/sns/- महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राज्य में व्याप्त कुपोषण एवं एनीमिया के दरों में कमी लाने के लिए महत्वकांक्षी अभियान “कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान“ की शुरुआत की गई। जिले में अभियान की शुरुआत बुधवार को अम्बिकापुर के ग्राम खैरवार परियोजना में किया गया।
कलेक्टर श्री अजीत वंसत ने छत्तीसगढ़ राज्य बीज विकास निगम द्वारा प्रदाय मिलेट बार का उपयोग नियमित रूप से करने व विभाग द्वारा प्रदाय पूरक पोषण का भी उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रदाय की जा रही अतिरिक्त पोषण आहार का समय-समय पर निरंतर गुणवत्ता का परीक्षण करने हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया। उपस्थित परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ को सभी पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में मिलेट बार वितरण करने एवं किसी भी स्थिति में वैधता अवधि उपरांत खाद्य सामग्री को वितरित नहीं करने एवं नियमित रूप से आंगनबाड़ी खोलने के लिये निर्देशित किया गया। उन्होंने कार्यकम में उपस्थित गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों के अभिभावकों को एनीमिया एवं कुपोषण से मुक्त होने के लिये स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पोषण सामग्री का नियमिति उपयोग करने के साथ-साथ अतिरिक्त पोषण आहार का स्वयं उपयोग करने हेतु प्रेरित किया। इस दौरान सभी को मिलेट बार वितरण से किया गया ।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती दिव्या सिंह सिसोदिया ने अभियान अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को एनीमिया एवं कुपोषण से बाहर आने के लिये नियमित रूप से अतिरिक्त पोषण आहार का उपयोग करने हेतु प्रेरित किया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री प्रधान ने बताया कि अभियान के अंतर्गत पायलट प्राजेक्ट के रूप में राज्य के सरगुजा एवं बस्तर संभाग के कुल 08 जिलों को शामिल किया गया है। प्रथम चरण में एनीमिया एवं कुपोषण की दरों में कमी लाने के लिए सरगुजा जिले के 5498 गर्भवती महिलाओं एवं 5281 कुपोषित बच्चों को चिंहांकित किया गया है। इन हितग्राहियों को विभागीय पूरक पोषण आहार के साथ-साथ अतिरिक्त पोषण आहार वितरण 06 माह तक प्रदाय किया जाएगा। इस दौरान जनपद सदस्य श्रीमती अनामिका पैकरा, सरपंच श्री देवनाथ तिग्गा उपस्थित रहे।


