छत्तीसगढ़

औद्योगिक विकास को गति देने भूमि, बैंकिंग और अधोसंरचना पर जोर

बिलासपुर, 25 मार्च 2026/sns/-कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक का आयोजन जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा किया गया, जिसमें जिले में निवेश, उद्योग स्थापना और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्य महाप्रबंधक सी.आर. टेकाम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान हुए निवेश की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में इस वर्ष 12 नए उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनमें कुल 50 करोड़ 80 लाख रुपये का पूंजी निवेश हुआ है। इन उद्योगों के माध्यम से 237 लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही बैठक में शासकीय एवं निजी भूमि के संयुक्त निरीक्षण, भूमि हस्तांतरण एवं अर्जन से संबंधित प्रकरणों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि भूमि अभिलेखों में स्पष्ट रूप से यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित भूमि पर कोई वन क्षेत्र या पेड़-पौधों का विवाद न हो, जिससे निवेश प्रक्रियाएं बाधित न हों। शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम(पीएमईजीपी) एवं मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (सीएमएफएमई/पीएमएफएमई संदर्भ) के तहत लक्ष्यों की प्रगति पर चर्चा हुई। बताया गया कि पीएमईजीपी में 50 प्रकरणों को बैंक स्वीकृति मिली, जबकि 20 प्रकरणों में ऋण वितरण किया गया। वहीं पीएमएफएमई योजना में 110 के लक्ष्य के विरुद्ध 106 प्रकरणों को स्वीकृति और 80 प्रकरणों में ऋण वितरण किया गया।
कलेक्टर ने पर्यावरण संरक्षण मंडल में लंबित औद्योगिक प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही सिरगिट्टी औद्योगिक क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को दुरुस्त करने हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। बैठक में जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि ऐसे विकासखंडों की जानकारी एकत्रित की जाए, जहां 10 किलोमीटर की परिधि में मल्टीप्लेक्स या सीबीएसई स्कूल संचालित नहीं हैं, ताकि औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के अंतर्गत निजी निवेश को प्रोत्साहित किया जा सके। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे और जिले में निवेश को बढ़ावा देने के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया गया।

इन उद्योगों की हुई इस साल स्थापना –
बिलासपुर जिले में इस साल अब तक 1 दर्जन औद्योगिक ईकाईयों की स्थापना हुई है। इनमें एचपीएस इंडस्ट्रिीज, एलएलीपी ग्राम सिलपहरी में साज-सज्जा, बुने हुए कपड़े और धागे के शेड निर्माण, विक्रम प्रताप सिंह तखतपुर सोलर एनर्जी, सुरेन्द्र सिंह परिहार तखतपुर सोलर एनर्जी, सपन एग्रो फीड सिलपहरी में कैटल फीड, सनराईज मेटल तिफरा में एल्युमिनियम इंगाट फेब्रीकेटेड मेटल प्रोडक्ट अदर हाउसहोल्ड आर्टिकल्स, श्री हनुमत राईस मिल गिधौरी राईस मिल, गिरधर मिल सिलपहरी राईस मिल, श्री बालाजी सिलपहरी राईस मिल, आई मैक लिमिटेड सकर्रा तखतपुर में फेल्ट या नॉनवॉवन से बने वस्त्र प्लास्टिक रबर या अन्य सामग्रियों से संसेचित वस्त्रों से बने वस्त्र, जीबी फुड वकर््स में मैनुफेक्चरिंग ऑफ ब्रेकफास्ट एण्ड अदर, एम्बर प्लास्ट इण्डस्ट्रीज में पॉलिमर सिंथेटिक पीवीसी वाटर टैंकों का निर्माण एवं सिद्धि विनायक वेयरहाउस रतनपुर में स्टोरेज एवं वेयरहाउस शामिल है।

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