छत्तीसगढ़

सरगुजा ओलंपिक 2026 का भव्य शुभारंभ- प्रतिभाओं के महासंगम में चमका युवा हुनर


अम्बिकापुर, 22 मार्च 2026/sns/-  छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित सरगुजा ओलंपिक 2026 का भव्य आगाज़ सरगुजा जिले के अम्बिकापुर स्थित पीजी कॉलेज ग्राउंड में हुआ। तीन दिवसीय इस संभाग स्तरीय खेल महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया। उद्घाटन अवसर पर पूरे संभाग से आए खिलाड़ियों, जनप्रतिनिधियों और खेल प्रेमियों की बड़ी उपस्थिति ने आयोजन को उत्सव का रूप दे दिया।

सपनों को नई उड़ान देने का मंच
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह आयोजन केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान देने का मंच है। उन्होंने इसे ’खिलाड़ियों का महाकुंभ’ बताते हुए कहा कि सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, कोरिया, सूरजपुर और मनेंद्रगढ़- चिरमिरी-भरतपुर जिलों से आए 2 हजार 190 से अधिक खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें 1 हजार 44 महिला और 1 हजार 146 पुरुष खिलाड़ी शामिल हैं, जो 17 वर्ष से कम एवं 17 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

भावनाओं का किया सम्मान
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बताया कि बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद सरगुजा में भी इस तरह के आयोजन की मांग उठी थी, जिसे सरकार ने प्राथमिकता दी। विकासखंड और जिला स्तर की प्रतियोगिताओं के बाद अब संभाग स्तर पर यह आयोजन किया जा रहा है।

ओलम्पिक में मैडल जीतने वाले खिलाड़ियों को मिलेगा करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि
उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को 21 लाख रुपये, स्वर्ण पदक विजेताओं को 3 करोड़, रजत पदक विजेताओं को 2 करोड़ और कांस्य पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। साथ ही ’खेलो इंडिया’ के तहत स्टेडियम निर्माण और खेल अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट भी निर्धारित किया गया है।

खिलाड़ियों के साथ-साय सरकार
केबिनेट मंत्री श्री श्रीराम विचार नेताम ने खिलाड़ियों से कहा अपनी खेल कौशल से परिवार, समाज, प्रदेश व देश का नाम रोशन करें। मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर से लेकर सरगुजा तक खेल प्रतिभाओ को मंच देने का कार्य कर रही है।

गीता फोगाट ने दी सफल होने का मंत्र
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय स्तर की कुश्ती खिलाड़ी गीता फोगाट की मौजूदगी खिलाड़ियों के लिए विशेष आकर्षण रही। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि एक छोटे से गाँव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचने के पीछे उनके पिता का प्रोत्साहन और उनकी मेहनत रही। उन्होंने खिलाड़ियों को संदेश दिया कि नशे से दूर रहकर कड़ी मेहनत और जुनून के साथ अपने लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हार से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना ही सफलता का रास्ता है। साथ ही उन्होंने अभिभावकों से बेटियों को समान अवसर देने की अपील की।

तीन दिवसीय आयोजन में 12 विधा पर दिखेगा हुनर
तीन दिवसीय इस खेल महोत्सव में कबड्डी, खो-खो, तीरंदाजी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, हॉकी, कुश्ती, दौड़, बैडमिंटन और रस्साकशी सहित 12 खेल विधाओं में प्रतियोगिताएँ आयोजित की जा रही हैं। आयोजन के लिए अम्बिकापुर के विभिन्न खेल स्थलों पीजी कॉलेज ग्राउंड, हॉकी स्टेडियम, गांधी स्टेडियम और मल्टीपरपज़ हॉल में व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए आवास, भोजन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य में पारित विभिन्न महत्वपूर्ण विधेयकों की भी जानकारी दी, जिनमें भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने तथा परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक रोकने के लिए कड़े प्रावधान शामिल हैं।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास  समाज कल्याण विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुजा सांसद श्री चिंतामणी महाराज, लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर,  जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक अध्यक्ष श्री रामकिशुन सिंह,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, नगर पालिक निगम अम्बिकापुर महापौर श्रीमती मंजूषा भगत , सरगुजा कमिश्नर  श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक झा, कलेक्टर श्री अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी एवं आम नागरिक उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *