छत्तीसगढ़

कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत बीजापुर में दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

बीजापुर, 19 मार्च 2026/SNS/-कुपोषण की समस्या के प्रभावी समाधान के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा संचालित कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत जिले में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 16 एवं 17 मार्च 2026 को आयोजित किया गया जिसमें सुपोषण दूतों एवं महिला स्व-सहायता समूहों के प्रतिभागियों ने भाग लिया। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा 15 दिसंबर 2025 से बस्तर एवं सरगुजा संभाग के आठ जिलों में इस विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। बस्तर संभाग के बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर एवं दंतेवाड़ा जिलों में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है, ताकि कुपोषित बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं की बेहतर देखभाल और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
अभियान के तहत प्रत्येक सुपोषण दूत को 10 बच्चों तथा प्रत्येक महिला स्व-सहायता समूह को 25 बच्चों की जिम्मेदारी दी गई है। ये सभी मिलकर बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देते हुए परिवारों को संतुलित आहार एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करेंगे। राज्य शासन द्वारा प्रत्येक कुपोषित बच्चे के लिए 1800 रुपये मानदेय निर्धारित किया गया है, जिसमें से 10 प्रतिशत राशि प्रारंभ में तथा शेष 90 प्रतिशत राशि छह माह की नियमित देखभाल और विभागीय मूल्यांकन के बाद प्रदान की जाएगी।
कलेक्टर श्री संबित मिश्रा  के नेतृत्व एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को आगामी छह माह की कार्ययोजना से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान गंभीर कुपोषित  (SAM)  एवं मध्यम कुपोषित  (MAM)  बच्चों की पहचान, पोषण प्रबंधन, घर-घर निगरानी की प्रक्रिया तथा एनीमिया से पीड़ित माताओं की देखरेख के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही परिवारों में पोषण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने, संतुलित आहार को बढ़ावा देने तथा सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। यह पहल जिले में कुपोषण की समस्या को जड़ से समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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