सुकमा, 07 मार्च 2026/sns/-छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक स्वावलंबन के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए “महतारी वंदन योजना“ आज प्रदेश की लाखों महिलाओं के जीवन में खुशहाली का नया सवेरा ला रही है। सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड अंतर्गत अत्यंत दूरस्थ ग्राम पालोड़ी निवासी श्रीमती सोड़ी देवे की कहानी इस सकारात्मक बदलाव का जीवंत प्रमाण है।
संकट की साथी बनी महतारी वंदन योजना
श्रीमती सोड़ी देवे के लिए महतारी वंदन योजना केवल एक वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीने का आधार बनी है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा हर माह उनके खाते में अंतरित की जा रही राशि से वे अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों, जैसे स्वास्थ्य संबंधी व्यय, घरेलू राशन और बाजार कार्यों को बिना किसी आर्थिक तंगी के पूरा कर पा रही हैं।
दोहरी खुशी वनाधिकार पत्र से मिला मालिकाना हक
शासन की संवेदनशीलता का ही परिणाम है कि श्रीमती देवे को महतारी वंदन की किस्तों के साथ-साथ वनाधिकार पत्र भी प्राप्त हुआ है। भूमि का वैधानिक अधिकार मिलने से न केवल उनका भविष्य सुरक्षित हुआ है, बल्कि कृषि व अन्य आजीविका गतिविधियों के लिए भी नए मार्ग प्रशस्त हुए हैं।
नेतृत्व के प्रति जताया आभार
अपनी प्रसन्नता साझा करते हुए श्रीमती देवे ने इस जनहितकारी पहल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इन प्रयासों से ग्रामीण और जनजातीय महिलाओं में आत्मसम्मान और सुरक्षा का भाव जागृत हुआ है।
प्रशासनिक प्रतिबद्धता
जिला प्रशासन सुकमा के माध्यम से राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम छोर पर बैठी महिला तक पारदर्शी तरीके से पहुँचे। महतारी वंदन योजना आज प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की एक ऐसी आधारशिला बन चुकी है, जो आने वाले समय में एक विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ की नींव रखेगी।



