मुंगेली, 27 फरवरी 2026/sns/- जिला कलेक्टोरेट स्थित जनदर्शन कक्ष में “बदलाव की शुरुआत, सुरक्षा के साथ’’ कोटवार सम्मान समारोह 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग शामिल हुए। साथ ही कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, वनमंडलाधिकारी श्री अभिनव कुमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभाकर पाण्डेय मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्राम स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था, सूचना तंत्र एवं प्रशासन-पुलिस समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करना रहा। जिले भर से आए कोटवारों का सम्मान किया गया तथा ग्राम सुरक्षा और जनजागरूकता में उनके योगदान की सराहना की गई।
कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक श्री गर्ग ने कहा कि कोटवारों को पहल कार्यक्रम अंतर्गत प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिससे वे अपने दायित्वों का और अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकेंगे। उन्होंने नशे की रोकथाम, साइबर फ्रॉड तथा अन्य अपराधों की रोकथाम में कोटवारों की सक्रिय भूमिका को अत्यंत सराहनीय बताया। उन्होंने “सशक्त-सीजी पुलिस ऐप” की जानकारी देते हुए बताया कि इस ऐप के माध्यम से वाहन नंबर दर्ज कर उसकी स्थिति की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। महानिरीक्षक श्री गर्ग ने बताया कि सभी पुलिस थानों में क्यू आर कोड लगाए गए हैं, जिन्हें अपने मोबाइल से स्कैन करके कोई भी व्यक्ति अपना फीडबैक दे सकता है। उन्होंने ऐप के माध्यम से अपना अनुभव व सुझाव दर्ज करने के लिए आमजनों को प्रेरित करने कोटवारों से अपील की।
कलेक्टर ने कहा कि जब मंशा स्पष्ट हो और कार्यप्रणाली में समर्पण हो, तो सकारात्मक परिणाम अवश्य मिलते हैं। उन्होंने जिले को मिली विभिन्न उपलब्धियों में कोटवारों की सक्रिय भागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कोटवारों का सूचना तंत्र मजबूत होने से प्रशासन को जमीनी स्तर की सटीक जानकारी समय पर मिलती है। एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण कार्य को सुगमता से संपन्न कराने में उनकी मेहनत और समर्पण की बड़ी भूमिका रही। धान खरीदी जैसे संवेदनशील कार्य का सफल संचालन बिना किसी अप्रिय घटना या कानून-व्यवस्था की स्थिति के संभव हो पाया, जिसमें अधिकारियों और कोटवारों के बेहतर समन्वय का विशेष योगदान रहा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि “पहल” कार्यक्रम के अंतर्गत दिए गए साइबर प्रशिक्षण को गांव-गांव तक पहुंचाकर कोटवारों ने लोगों को जागरूक किया, जिसका परिणाम यह रहा कि पूरी धान खरीदी अवधि में भुगतान से संबंधित साइबर ठगी की एक भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई। जिले के सभी थानों में प्राप्त शिकायत के आधार पर अपराधियों के ऊपर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। वनमंडलाधिकारी ने “पहल” कार्यक्रम को नई दिशा देने वाली पहल बताते हुए कहा कि कोटवारों ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी सक्रिय योगदान दिया है। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रमों में उनकी उल्लेखनीय भागीदारी रही है। जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि कोटवार गांवों में साइबर अपराध के प्रति जागरूकता फैलाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति में प्रशासन और पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहते हैं।
कार्यक्रम के अंत में पुलिस महानिरीक्षक श्री गर्ग को स्मृति चिन्ह भेंट प्रदान कर सम्मानित किया गया। सभी अतिथियों को शॉल एवं डायरी तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले कोटवारों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती नवनीत कौर एवं श्री मयंक तिवारी सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में कोटवार मौजूद रहे।

