छत्तीसगढ़

”कोमल” फिल्म के माध्यम से बच्चों को दिया गया आत्म-सुरक्षा एवं बाल अधिकारों का संदेश बच्चों के सुरक्षा, संरक्षण एवं अधिकार के लिए व्यापक जागरूकता

बीजापुर, 26 फरवरी 2026/sns/-जिला प्रशासन, यूनिसेफ, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं बीजादूतीर के संयुक्त तत्वावधान में भोपालपटनम ब्लॉक के ग्राम पंचायत कोतापल्ली स्थित प्राथमिक विद्यालय में बाल सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा एवं आत्म-सुरक्षा के प्रति जागरूक करना तथा उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना था। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, शिक्षकों एवं शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम की शुरुआत बाल संरक्षण पर आधारित लघु फिल्म ”कोमल” के प्रदर्शन से हुई। फिल्म के माध्यम से बच्चों को गुड टच एवं बैड टच के बीच का अंतर सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया गया। बच्चों को यह संदेश दिया गया कि किसी भी प्रकार का असहज स्पर्श होने पर वे चुप न रहें, बल्कि तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी दें।
बीजादूतीर स्वयंसेवकों द्वारा बच्चों को बाल अधिकारों, शिक्षा के महत्व एवं आत्म-सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही विद्यालय में स्थापित “पॉक्सो बॉक्स” के बारे में बताते हुए बच्चों को अपनी समस्याओं या शिकायतों को बिना डर दर्ज करने के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों को बाल श्रम के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए शिक्षा को प्राथमिकता देने का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि यह निःशुल्क एवं 24 घंटे उपलब्ध सेवा है, जिसके माध्यम से बच्चे किसी भी प्रकार की समस्या या खतरे की स्थिति में सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
यह कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास, जागरूकता एवं आत्म-सुरक्षा की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। जिला प्रशासन, यूनिसेफ, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं बीजादूतीर द्वारा इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जा रहा है, ताकि बच्चों को सुरक्षित, संरक्षित एवं सशक्त वातावरण प्रदान किया जा सके।

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