छत्तीसगढ़

‘हमर द्वार, हमर आयुष्मान’ अभियान: घर पहुंचकर बनाए जाएंगे आयुष्मान और वय वंदना कार्ड

मुंगेली, 26 फरवरी 2026/sns/- कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशन में जिले के प्रत्येक पात्र नागरिक तक योजना का लाभ पहुंचाने तथा 70 वर्ष से अधिक आयु के शत-प्रतिशत वरिष्ठ नागरिकों का वय वंदना कार्ड बनाने के उद्देश्य से ‘हमर द्वार, हमर आयुष्मान’ अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के तहत जिन हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड या वय वंदना कार्ड नहीं बना है, वे जिला प्रशासन द्वारा जारी मोबाइल नंबर 7999586447, 8319456611 तथा कलेक्टोरेट स्थित कॉल सेंटर के नंबर 9406275514, 9406275513 और 9406275535 पर कॉल अथवा व्हाट्सएप संदेश भेजकर संपर्क कर सकते हैं। संपर्क प्राप्त होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम संबंधित हितग्राही के घर पहुंचकर आयुष्मान या वय वंदना कार्ड बनाएगी। कार्ड बनवाने के लिए आवेदक के पास अद्यतन आधार कार्ड, परिवार के राशन कार्ड में नाम तथा आधार से लिंक मोबाइल नंबर होना आवश्यक है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस जनकल्याणकारी अभियान का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने स्वास्थ्य सुरक्षा कवच को सुनिश्चित करें।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि शासन की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को प्रतिवर्ष 05 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार सुविधा प्रदान की जा रही है। जिले में कुल लक्षित 08 लाख 31 हजार 340 हितग्राहियों में से 07 लाख 74 हजार 483 लोगों (93.2 प्रतिशत) का आयुष्मान कार्ड बनाया जा चुका है। इसी प्रकार 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क उपचार सुविधा उपलब्ध कराने हेतु भारत सरकार द्वारा संचालित ‘वय वंदना कार्ड योजना’ के अंतर्गत अतिरिक्त स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जा रहा है। वय वंदना कार्ड के तहत मिलने वाला बीमा लाभ सामान्य आयुष्मान कार्ड से मिलने वाले कवर के अतिरिक्त है। जिले में कुल 17 हजार 131 लक्षित वरिष्ठ नागरिकों में से 16 हजार 879 (98.5 प्रतिशत) व्यक्तियों का वय वंदना कार्ड बनाया जा चुका है। वय वंदना कार्ड के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को देशभर के सरकारी अस्पतालों एवं मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। इसके तहत अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में प्रति व्यक्ति प्रतिवर्ष 05 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य व्यय कवर किया जाता है। यह सुविधा सेकेंडरी एवं टर्शियरी केयर, यानी गंभीर बीमारियों के उपचार पर लागू होती है।

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